जेनसोल इंजीनियरिंग लिमिटेड ने झारखंड के धनबाद जिले के पनचेट कस्बे में अपना ग्राउंड-माउंटेड सोलर पावर प्लांट सफलतापूर्वक कमीशन कर दिया है। यह प्रोजेक्ट लगभग ₹40 करोड़ की EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) लागत के अंतर्गत विकसित की गई है और यह कठिन भू-आकृतिक परिस्थितियों में कंपनी की निष्पादन क्षमता को दर्शाती है।
प्रतीकात्मक फोटो
पांच साल तक O&M सपोर्ट भी शामिल
कंपनी के अनुसार, इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत पांच वर्षों तक संचालन और रखरखाव (O&M) सेवाएं भी प्रदान की जाएंगी। यह प्लांट सालाना 1.5 करोड़ यूनिट से अधिक क्लीन एनर्जी का उत्पादन करेगा, जिसका उपयोग वाणिज्यिक उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
हर साल बचेगा 21,000 मीट्रिक टन CO₂ उत्सर्जन
यह प्रोजेक्ट हर साल करीब 21,000 मीट्रिक टन CO₂ उत्सर्जन को रोकने में मदद करेगी, जो झारखंड के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों की दिशा में एक बड़ा योगदान है। साथ ही, यह राज्य की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा और कोयला आधारित ऊर्जा पर निर्भरता को कम करेगा।
कंपनी ने उठाया ₹600 करोड़ का फंड, ऋण कम करने की योजना
इस प्रोजेक्ट के साथ ही, जेनसोल इंजीनियरिंग लिमिटेड ने ₹600 करोड़ के फंडरेजिंग प्लान की भी घोषणा की है। इसमें से ₹400 करोड़ विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बॉन्ड (FCCBs) के ज़रिए और ₹200 करोड़ प्रवर्तकों को वॉरंट जारी कर जुटाए जाएंगे।
फिलहाल कंपनी पर ₹1,146 करोड़ का कर्ज है जबकि उसके पास ₹589 करोड़ के आरक्षित निधि हैं, जिससे उसका ऋण-इक्विटी अनुपात 1.95 बनता है। फंडरेजिंग के बाद, कंपनी की आरक्षित निधि लगभग ₹1,200 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। इससे न केवल कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी बल्कि दीर्घकालिक सतत विकास और शेयरधारकों के लिए अधिक मूल्य निर्माण भी संभव होगा।
