Pakistan Petrol-Diesel Price : पाकिस्तान सरकार ने देश में पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल (HSD) की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की घोषणा कर दी है। बुधवार को जारी किए गए आधिकारिक फैसले के तहत पेट्रोल के दाम में 2.29 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल की कीमत में 1.11 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया है। पेट्रोलियम विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, नई दरें 3 सितंबर (गुरुवार) से लागू कर दी गई हैं।
पाकिस्तान में पेट्रोल ₹2.29 और हाई-स्पीड डीजल ₹1.11 प्रति लीटर महंगा, जानें नया रेट
पेट्रोल और डीजल की नई दरें और टैक्स का ढांचा
डाउन की रिपोर्ट के मुताबिक कीमतों में संशोधन के बाद अब पेट्रोल का नया खुदरा मूल्य 346.16 रुपये (पाकिस्तानी रुपये) प्रति लीटर हो गया है। वहीं दूसरी ओर, हाई-स्पीड डीजल अब 372.03 रुपये (पाकिस्तानी रुपये) प्रति लीटर की दर से मिलेगा। इस बढ़ी हुई दर के बावजूद सरकार ईंधन पर भारी टैक्स वसूलना जारी रखे हुए है। मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक, सरकार पेट्रोल पर 114 रुपये प्रति लीटर तथा डीजल पर 100 रुपये प्रति लीटर टैक्स और ड्यूटी के रूप में वसूल रही है।
हालिया महीनों में वैश्विक तनाव और ईंधन की कीमतें
गौर हो कि मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग के बाद से ईंधन की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है। फरवरी के अंत में युद्ध शुरू होने के समय डीजल की कीमत 281 रुपये प्रति लीटर थी, जो बढ़ते-बढ़ते 3 अप्रैल को 520.35 रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। हालांकि, उसके बाद इसमें कुछ गिरावट दर्ज की गई है। इसी तरह, मार्च की शुरुआत में 266 रुपये प्रति लीटर बिकने वाला पेट्रोल 3 अप्रैल को 458.41 रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर जा पहुंचा था।
दैनिक आधार पर तय हो रही हैं कीमतें
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की अनिश्चितता को देखते हुए सरकार ने मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया में बदलाव किया था। डाउन की रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई में पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने घोषणा की थी कि ईंधन की कीमतें अब साप्ताहिक के बजाय दैनिक आधार पर तय की जाएंगी। इसके लिए संघीय मंत्रिमंडल और प्रधानमंत्री ने ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (Ogra) को जिम्मेदारी सौंपी है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों के हिसाब से रोजाना नई दरें तय करती है।
आम जनता और अर्थव्यवस्था पर असर
पेट्रोल का इस्तेमाल मुख्य रूप से निजी वाहनों, छोटी कारों, ऑटो-रिक्शा और दोपहिया वाहनों में होता है, इसलिए इसकी कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर मध्यम और निम्न-मध्यम वर्ग के बजट पर पड़ता है। वहीं, डीजल का उपयोग भारी परिवहन, माल ढुलाई, बिजली संयंत्रों और बड़े जनरेटरों में होता है। डीजल महंगा होने से माल ढुलाई का खर्च बढ़ता है, जिससे दैनिक उपभोग की वस्तुओं और खाद्य पदार्थों की महंगाई बढ़ जाती है।
राजस्व का मुख्य जरिया है पेट्रोल-डीजल
पाकिस्तान के राजस्व में पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल का सबसे बड़ा योगदान रहता है। आंकड़ों के अनुसार, देश में पेट्रोल और डीजल की मासिक बिक्री लगभग 7 लाख से 8 लाख टन के बीच होती है, जबकि इसकी तुलना में केरोसिन (मिट्टी के तेल) की मांग प्रति माह महज 10,000 टन के आसपास ही सीमित है। यही कारण है कि इन दोनों ईंधनों के दामों में मामूली बदलाव का भी देश की अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ता है।
