Fuel Crisis: भारत में रोज कितना खर्च होता है Petrol-Diesel? जंग बढ़ी तो कितने दिन चलेगा स्टॉक?

मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के चलते ग्लोबल सप्लाई चेन पूरी तरह टूट चुकी है, मिडिल ईस्ट से सबसे ज्यादा तेल की सप्लाई दुनिया में होती है। भारत भी अपनी अपनी जरुरत का 20 फीसदी तेल यहीं से मंगवाता है। ऐसे में आइए जानते हैं हर रोज भारत में कितना पेट्रोल डीजल इस्तेमाल होता है?

मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी जंग ने पूरी दुनिया की नींद उड़ा दी है। युद्ध के कारण होर्मुज की खाड़ी (Strait of Hormuz) से होने वाली सप्लाई रुकने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। भारत के लिए यह स्थिति इसलिए चिंताजनक है क्योंकि हम अपनी ऊर्जा जरूरतों का लगभग 40 फीसदी हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करते हैं। ऐसे में सोशल मीडिया और खबरों में यह सवाल तैर रहा है कि अगर सप्लाई पूरी तरह रुक गई, तो भारत के पास कितने दिन का बैकअप है? आइए, भारत की रोजाना की खपत और स्टॉक के पूरे गणित को समझते हैं।

Crude Oil

कितना बड़ा है भारत का 'रिजर्व फंड'?

युद्ध शुरू हुए एक हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है और सप्लाई को लेकर तरह-तरह की रिपोर्ट सामने आ रही हैं। कुछ दावों में कहा गया कि भारत का तेल भंडार जल्द खत्म हो जाएगा, लेकिन सरकार ने इन अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया है। सरकार के अनुसार, भारत के पास 64 दिनों का 'स्ट्रैटेजिक ऑयल रिजर्व' (Strategic Oil Reserve) मौजूद है। इसका मतलब है कि अगर कल को अंतरराष्ट्रीय बाजार से तेल की बूंद भी न आए, तब भी भारत के पास इतना स्टॉक है कि 64 दिनों तक देश की अर्थव्यवस्था बिना रुके चल सके। यह भंडार जमीन के नीचे बनी विशाल गुफाओं में आपातकाल के लिए सुरक्षित रखा गया है।

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