ED returned Rs 29000 crores: विजय माल्या से लेकर नीरव मोदी तक, ED ने कैसे 29000 करोड़ रुपये वसूल लोगों को लौटाए; जिनको मिले थैंक्यू बोल रहे!

Relief to scam victims: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पिछले दो वर्षों में 29,000 करोड़ रुपये की संपत्तियों को बैंकों और पीड़ितों को लौटाकर मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में अपनी भूमिका को मजबूत किया है। अब एजेंसी जब्ती से आगे बढ़कर पीड़ितों को राहत पहुँचाने पर जोर दे रही है।

KEY HIGHLIGHTS
  • ईडी ने ₹29,000 करोड़ की संपत्तियाँ पीड़ितों और बैंकों को लौटाई।
  • विजय माल्या, नीरव मोदी, भूषण पावर जैसे बड़े मामलों में उल्लेखनीय रिकवरी।
  • एजेंसी अब तेजी से न्यायिक अनुमोदन और बहाली पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

Relief to scam victims: जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) का नाम सामने आता है, तो अक्सर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच और भारी-भरकम प्रॉपर्टी की जब्ती का नजारा आंखों के सामने आ जाता है। लेकिन अब ईडी ने अपनी छवि में बड़ा बदलाव किया है। महज जब्ती तक सीमित रहने के बजाय, एजेंसी अब धोखाधड़ी का शिकार हुए पीड़ितों और बैंकों को उनकी हकदार को उनकी दौलत-संपत्तियाँ लौटाने में जुटी है। ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले दो साल में ईडी ने करीब 29,000 करोड़ रुपये कीमत की प्रॉपर्टी को बहाल कर यह साबित कर दिया है कि अब वह केवल कानून का रखवाला नहीं, बल्कि आर्थिक न्याय का सच्चा वाहक भी बन चुका है। वित्त वर्ष 2023-24 में 22,000 करोड़ रुपये और अप्रैल 2024 से अब तक 7,404 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी को लौटाया जा चुका है और सफर यहीं नहीं रुकेगा। अगले दो साल में और 15,000 करोड़ रुपये की बहाली की तैयारी भी जोरों पर है।

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घोटालेबाजों की संपत्तियाँ जब्त कर पीड़ितों को राहत दे रहा ED, जानिए पूरी कहानी (इमेज सोर्स-AI)

वसूली करने में ईडी ने किया शानदार काम

ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक ईडी का रिकवरी रेट भी अन्य कानूनी उपायों जैसे IBC और SARFAESI एक्ट की तुलना में बेहतर रहा है। IBC के तहत रिकवरी दर 36% और 27% रही। SARFAESI एक्ट के तहत 15-25% रिकवरी। डीआरटी और लोक अदालतों में 10% से भी कम रिकवरी। वहीं, ईडी ने अधिकांश मामलों में 50% से अधिक की वसूली की है। कुछ मामलों, जैसे विजय माल्या केस में 100% रिकवरी दर्ज की गई।

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