गाने से खाने तक AI ने बदली दुनिया, नोबेल विजेता अर्थशास्त्री की बड़ी चेतावनी, जानें क्या कहा?

AI भविष्य की तकनीक नहीं, हमारे रोजमर्रा के जीवन में शामिल है। गाने से खाने तक AI का इस्तेमाल हो रहा है। इसके साथ ही बढ़ रहा है नौकरियों के खोने का डर। नोबल विजेता अर्थशास्त्री ने चेतावनी दी है।

Artificial Intelligence यानी AI अब सिर्फ चैटबॉट या फोटो बनाने तक सीमित नहीं है। गाने बनाने, म्यूजिक तैयार करने, मार्केट रिसर्च, कोडिंग, कानूनी दस्तावेजों के ड्राफ्ट और यहां तक कि खाने-पीने की चीजों की सिफारिश और सप्लाई चेन तक में इसका इस्तेमाल हो रहा है। मानव जीवन का शायद ही कोई पहलू हो, जो अब AI से अछूता है। यही वजह है कि की अब नौकरियों को लेकर बड़ी चिंता खड़ी हो गई है।

AI vs Jobs

एआई बन रहा जॉब्स के लिए खतरा

2024 में अर्थशास्त्र के नोबल विजेता व MIT के प्रोफेसर डारोन ऐसमोग्लू (Daron Acemoglu) ने AI को लेकर बेहद गंभीर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि अगर AI के विकास और उसके इस्तेमाल की मौजूदा दिशा नहीं बदली गई, तो अगले दशक में बेरोजगारी कई गुना बढ़ सकती है। उनके मुताबिक सबसे खराब स्थिति में बेरोजगारी तीन गुना तक बढ़ सकती है।

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