नए साल की शुरुआत के साथ ही दुनिया के अरबपतियों की दौलत में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। शेयर बाजारों में हलचल, टेक कंपनियों के शेयरों में गिरावट और ग्लोबल अनिश्चितताओं का असर सीधे दुनिया के सबसे अमीर लोगों की नेटवर्थ पर पड़ा है। एलन मस्क से लेकर जेफ बेजोस तक कई दिग्गज अरबपतियों की संपत्ति में गिरावट आई है, जबकि भारत के सबसे अमीर उद्योगपति मुकेश अंबानी इस उतार-चढ़ाव के बीच भी फायदे में रहे हैं। खास बात यह है कि नए साल के शुरुआती दिनों में अंबानी की संपत्ति में करीब 1.7 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का इजाफा हुआ है।
सबसे अमीर मस्क
ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के आंकड़ों के मुताबिक दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क एक बार फिर पहले स्थान पर बने हुए हैं। हालांकि उनकी कुल संपत्ति अब भी सबसे ज्यादा है, लेकिन हाल के दिनों में टेस्ला के शेयरों में कमजोरी के कारण उनकी नेटवर्थ में करीब 3 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई है। इसके बावजूद साल-दर-साल आधार पर मस्क की संपत्ति में अब भी बड़ा इजाफा दिख रहा है, जो यह बताता है कि लंबी अवधि में उनकी कंपनियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है।
गूगल के को-फाउंडर लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन भी टॉप-5 अमीरों की लिस्ट में बने हुए हैं, लेकिन नए साल की शुरुआत उनके लिए कुछ खास अच्छी नहीं रही। टेक सेक्टर में दबाव के चलते उनकी संपत्ति में भी सैकड़ों मिलियन डॉलर की गिरावट देखी गई है। इसी तरह अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस की नेटवर्थ में भी गिरावट आई है, जो ई-कॉमर्स और टेक शेयरों में आई कमजोरी का असर माना जा रहा है।
मेटा की सीईओ की भी डूबी दौलत
मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग और माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स की संपत्ति में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। जहां जुकरबर्ग को हालिया कारोबारी सत्रों में नुकसान हुआ है, वहीं बिल गेट्स की सालाना संपत्ति में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इससे साफ है कि टेक इंडस्ट्री में छोटी-सी हलचल भी अरबपतियों की दौलत को हिला सकती है।
यूरोप की बात करें तो फ्रांस के बर्नार्ड अर्नॉल्ट और फ्रैंकोइस बेटनकोर्ट मेयर्स जैसे अरबपतियों की संपत्ति भी दबाव में रही है। लग्जरी और कंज्यूमर सेक्टर में मांग को लेकर बनी अनिश्चितता का असर इनकी नेटवर्थ पर दिखा है। वहीं स्पेन के अमैंसियो ओर्टेगा और अमेरिका के वॉलमार्ट परिवार के सदस्यों की संपत्ति में भी सीमित गिरावट दर्ज की गई।
टॉप 10 में अंबानी में अंबानी-अडानी
इन सबके बीच भारत के लिए राहत और गर्व की बात यह रही कि मुकेश अंबानी और गौतम अडानी दोनों ही टॉप-20 अरबपतियों की सूची में बने हुए हैं। खासतौर पर मुकेश अंबानी की संपत्ति में नए साल की शुरुआत में जबरदस्त उछाल देखा गया। रिपोर्ट के मुताबिक अंबानी की नेटवर्थ में करीब 1.91 अरब डॉलर यानी भारतीय मुद्रा में लगभग 1.7 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है। यह बढ़त रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में मजबूती, रिटेल और एनर्जी बिजनेस में बेहतर प्रदर्शन की वजह से मानी जा रही है।
गौतम अडानी की संपत्ति में भी सीमित लेकिन सकारात्मक बढ़त देखने को मिली है। इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल सेक्टर में उनकी कंपनियों की स्थिति में सुधार का असर उनकी नेटवर्थ पर दिखा है। कुल मिलाकर देखा जाए तो जहां नए साल की शुरुआत में दुनिया के कई बड़े अरबपतियों की दौलत हिल गई, वहीं भारतीय उद्योगपतियों ने इस उतार-चढ़ाव के बीच भी खुद को मजबूत साबित किया है। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि ग्लोबल अनिश्चितताओं के बावजूद भारत से जुड़ी कंपनियों और बाजारों पर निवेशकों का भरोसा अभी बना हुआ है।
