ITR-1 से ITR-7 तक... किस फॉर्म के लिए कौन सा कागज है जरूरी? रिटर्न भरने से पहले नोट कर लें यह पूरी चेकलिस्ट

इनकम टैक्स रिटर्न भरने से पहले सही ITR फॉर्म और जरूरी कागजात चुनना बेहद आवश्यक है। फॉर्म-16, AIS और फॉर्म 26AS जैसे दस्तावेजों की इस पूरी चेकलिस्ट (ITR-1 से ITR-7) को देखकर आप नोटिस और गलतियों से बच सकते हैं।

भारत में इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने का सीजन शुरू होते ही नौकरीपेशा से लेकर बड़े कारोबारियों तक, हर कोई अपने टैक्स कागजात समेटने में जुट जाता है। टैक्स विभाग अलग-अलग तरह की कमाई और टैक्सपेयर्स की कैटेगरी के हिसाब से ITR-1 से लेकर ITR-7 तक के फॉर्म जारी करता है। अक्सर लोग सही फॉर्म का चुनाव नहीं कर पाते या फिर जरूरी दस्तावेज पास न होने के कारण रिटर्न भरते समय बड़ी गलतियां कर बैठते हैं। गलत फॉर्म चुनने या अधूरी जानकारी देने पर इनकम टैक्स विभाग से सीधे स्क्रूटनी या डिफेक्टिव रिटर्न का नोटिस आ सकता है। इसलिए, यह बेहद जरूरी है कि आप अपनी इनकम के हिसाब से सही फॉर्म को जानें और उसे भरने के लिए जरूरी कागजात पहले से तैयार रखें। आइए जानते हैं कि ITR-1 से ITR-7 तक के फॉर्म किन लोगों के लिए हैं और इन्हें भरने के लिए आपको कौन-से मुख्य डॉक्यूमेंट्स की जरूरत होगी।

Income Tax

ITR 1 के लिए कौन से डॉक्युमेंट चाहिए?

शुरुआत करते हैं व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स (Individual Taxpayers) के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले फॉर्म्स से। सबसे पहला नाम आता है ITR-1 (सहज) का, जो उन भारतीय निवासियों के लिए है जिनकी कुल सालाना कमाई ₹50 लाख तक है। यह कमाई मुख्य रूप से सैलरी (Salary), एक घर की प्रॉपर्टी (One House Property) और अन्य स्रोतों जैसे बैंक ब्याज या फैमिली पेंशन से होनी चाहिए। इसे भरने के लिए आपको कंपनी से मिलने वाला फॉर्म-16 (Form-16), सैलरी स्लिप, होम लोन का इंटरेस्ट सर्टिफिकेट और बैंक पासबुक की जरूरत होती है। इसके बाद आता है ITR-2, जो उन व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) के लिए है जिनकी सालाना कमाई ₹50 लाख से अधिक है या जिनकी कमाई के स्रोतों में एक से अधिक मकान, लॉटरी, घुड़दौड़, या शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड से होने वाला कैपिटल गेन्स (Capital Gains) शामिल है। इसे भरने के लिए आपको फॉर्म-16 के साथ-साथ म्यूचुअल फंड हाउस और ब्रोकर से मिला 'कैपिटल गेन्स स्टेटमेंट' भी संभालकर रखना होगा।

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