एफपीआई ने सितंबर में 23,885 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, सालभर में अबतक 1.6 लाख करोड़ रुपये निकाले

​​बीते हफ्ते शेयर बाजार में उतार-चढाव देखने को मिला। पिछले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों का मनोबल बढ़ा और बाजार ने सकारात्मक रुख दिखाया। विशेषज्ञों का कहना है कि इसका मुख्य कारण RBI के विकास संबंधी रुख और नए आर्थिक सुधार हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। बाजार के इस उतार-चढ़ाव के बीच विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी जारी रही।

भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक यानी एफपीआई सितंबर में भारतीय इक्विटी के नेट विक्रेता बने रहे। इस दौरान उन्होंने 23,885 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, और इस साल अब तक उन्होंने कुल 1.58 लाख करोड़ रुपये की बिकवाली की है। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में 34,990 करोड़ रुपये और जुलाई में 17,700 करोड़ रुपये की भारी बिकवाली के बाद यह निकासी का लगातार तीसरा महीना है।

FPI Selling

क्यों पैसा निकाल रहे विदेशी निवेशक

मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के प्रमुख, प्रबंधक अनुसंधान हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि हालिया बिकवाली कई कारकों से प्रेरित थी, जैसे अमेरिका का भारत पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाना और एच-1बी वीजा पर एकमुश्त एक लाख अमेरिकी डॉलर की शुल्क वृद्धि। रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर तक गिरने से मुद्रा जोखिम भी बढ़ा, जबकि भारतीय इक्विटी के अपेक्षाकृत उच्च मूल्यांकन के चलते एफपीआई ने दूसरी एशियाई बाजारों की ओर रुख किया।

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