Share Market:अमेरिका-ब्रिटेन नहीं अब भारत विदेशी निवेशकों की पसंद, शेयर बाजार में कर डाले 2 लाख करोड़ का निवेश

Share Market: अमेरिका और ब्रिटेन जैसे विकसित बाजारों में महंगाई और ब्याज दर की दिशा, मुद्रा की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतों, भू-राजनीतिक परिदृश्य और घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती जैसे कारकों से एफपीआई निवेश बढ़ा है।

Share Market And Foreign Investment:विदेशी निवेशों को भारतीय शेयर बाजार खूब लुभा रहा है। उन्होंने भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति को देखते हुए वित्त वर्ष 2023-24 में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। इस दौरान विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने भारतीय इक्विटी बाजारों में लगभग 2.08 लाख करोड़ रुपये और ऋण या बॉन्ड बाजार में 1.2 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया है। पिछले दो वित्त वर्षों में शेयरों से शुद्ध निकासी के बाद यह जोरदार वापसी देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2022-23 में एफपीआई ने भारतीय शेयर बाजार से शुद्ध रूप से 37,632 करोड़ रुपये निकाले थे।

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क्यों पसंद आ रहा है विदेशी बाजार

मजार्स इन इंडिया के मैनेजिंग पार्टनर भारत धवन ने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पूर्वानुमान सर्तकता के साथ आशावादी है। प्रगतिशील नीतिगत सुधारों, आर्थिक स्थिरता और आकर्षक निवेश अवसरों के चलते एफपीआई प्रवाह जारी रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि हालांकि, हम वैश्विक भू-राजनीतिक प्रभाव को लेकर सचेत हैं, जिनके चलते बीच-बीच में अस्थिरता आ सकती है।

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