Financial Planning : अगर आपकी अच्छी सैलरी या इनकम है। आपके जीवन में सबकुछ बढ़िया चल रहा है। आमदनी लगातार बढ़ रही है और उसके हिसाब से ही आपकी लाइफस्टाइल और खर्च बढ़ रहे हैं, तो चौकन्ने हो जाएं और अपनी लाइफ में इन संकेतों पर जरूर ध्यान दें। क्योंकि, आपकी कमाई चाहे जितनी हो, लेकिन अगर ये संकेत दिख रहे हैं, तो समझ लें कि गरीबी आपके आसपास ही है।
कमाई को संभलने के लिए प्लानिंग जरूरी
कैसे होती है शुरुआत?
हर महीने खाते में अच्छी-खासी इनकम आती है, घर चलता हुआ दिखता है। शॉपिंग भी होती है और बाहर खाना भी चलता है। फिर, अचानक ₹20-30 हजार का खर्च आ जाए तो, पूरा बजट बिगड़ता नजर आता है। या फिर महीने के आखिर में क्रेडिट कार्ड बिल चुकाने की चिंता घेरने लगती है। यह स्थिति कम इनकम की वजह से नहीं होती। बल्कि, कमजोर फाइनेंशियल प्लानिंग की वजह से होता है। यहां वे 10 प्रमुख संकेत दिए गए हैं, जो आपकी खराब फाइनेंशियल प्लानिंग को दिखाते हैं।
सैलरी आते ही हो जाती है खत्म
अगर सैलरी आते ही रेंट, EMI, ग्रॉसरी, स्कूल फीस, बौर क्रेडिट कार्ड बिल चुकाने में पूरी सैलरी या इनकम खत्म हो जाती है और अगले महीने का इंतजार शुरू हो जाता है, तो प्रॉब्लम इनकम या सैलरी की नहीं, बल्कि फाइनेंशियल प्लानिंग की है। यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है, जब सैलरी एक-दो दिन लेट होने पर रोजमर्रा के खर्च चलाना मुश्किल हो जाए।
इमर्जेंसी के लिए बचत नहीं
घर में अचानक मेडिकल खर्च, कार रिपेयर, जॉब लॉस या या कोई बड़ा जरूरी काम आ जाए, तो आपके पास उसे संभालने के लिए अलग से पैसा नहीं होना आपकी कमजोर वित्तीय स्थिति को दिखाता है। रेगुलर इनकम से जिंदगी चल सकती है, लेकिन असली वित्तीय ताकत का पता अनपेक्षित खर्च आने पर चलता है।
कर्ज चुकाने में जा रही कमाई
अगर आपकी इनकम का बड़ा हिस्सा क्रेडिट कार्ड इंट्रेस्ट, पर्सनल लोन या दूसरे कर्ज के भुगतान में चला जाता है और कर्ज बहुत धीरे कम होता है, तो कमाई का फायदा कम हो जाता है। कर्ज चुकाते-चुकाते अगर रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पैसा कम पड़ने लगे, तो यह चेतावनी का संकेत है। अगर आपको कैश फ्लो की वजह से बार-बार बिल चुकाने में देरी होती है। कई बार महीनों के बिल एक साथ जमा करते हैं और फिर डिले हो जाता है, तो आपको अपनी वित्तीय स्थिति को गंभीरता से देखने की जरूरत है।
क्रेडिट कार्ड लिमिट हो रही पूरी
अगर आपके क्रेडिट कार्ड की लिमिट बार-बार पूरी हो जा रही है, तो यह एक चेतावनी का संकते है। भले ही आप इसे पूरा चुका दे रहे हैं। लेकिन, सचेत होना जरूरी है। क्योंकि, एक बार की चूक ऐसा चक्र शुरू कर देगी जहां से रिकवरी मुश्किल हो जाएगी। Credit card सुविधा देता है, लेकिन अगर महीने का खर्च क्रेडिट कार्ड से ही किया जाए और लिमिट salary से नहीं बल्कि लगातार credit से पूरा हो रहा है, तो यह खतरे का संकेत है।
कहां से शुरू होती दिक्कत?
“70% off”, “Buy 1 Get 1” या limited-time offers देखकर बार-बार ऐसी चीजें खरीदना जिनकी जरूरत ही नहीं थी, अपने आप में गरीबी वाले माइंडसेट का संकेत है। क्योंकि, आप अपनी जरूरतों के हिसाब से रणनीतिक खरीदारी करने की जगह भावनाओं में बहकर खरीदारी करते हैं, तो आपको आय से ज्यादा खर्च और कर्ज के जाल में फंसाने वाली आदत है।कब गंभीर हो सकती है स्थिति?
अगर आप बेहिसाब खर्च करते हैं। बचत भी नहीं है। इसके अलावा मेडिकल व दूसरे तरह के इंश्योरेंस भी नहीं करा रखे हैं, तो एक दुर्घटना आपको स्थायी तौर पर गरीब बना सकती है। क्योंकि, आपके पास बचत पहले से नहीं है। ऐसे में अगर आपको किसी वजह से अस्पताल में भर्ती होना पड़ जाए, तो आपके पास घर और जमीन जैसी संपत्तियों को बेचने की स्थिति बन सकती है।
