भारतीय परिवारों की वित्तीय संपत्तियां फाइनेंशियल ईयर 2025 में 6 प्रतिशत बढ़ीं : निर्मला सीतारमण

भारतीय परिवारों की बचत में बीते दो वर्षों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जो कि वित्त वर्ष 23 में जीडीपी के 4.3 प्रतिशत पर पहुंच गया था। यह 1970 के बाद परिवारों की बचत का सबसे न्यूनतम स्तर था। यह बदलाव दिखाता है कि कोरोना महामारी के बाद भारतीय परिवार तेजी से बचत को प्राथमिकता दे रहे हैं।

भारतीय परिवारों की वित्तीय संपत्तियां वित्त वर्ष 25 में सालाना आधार पर 6 प्रतिशत बढ़कर 9.9 लाख करोड़ रुपए हो गई हैं। इसमें पिछले वित्त वर्ष 24 में 5.3 प्रतिशत का उछाल देखा गया था। यह जानकारी मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से दी गई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में वित्त मंत्री ने कहा कि भारतीय परिवारों की वित्तीय देनदारियां वित्त वर्ष 25 में कम होकर 15.7 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गई हैं।

Nirmala Sitaraman

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण।

परिवार बचत को दे रहे प्राथमिकता

RBI के ताजा डेटा के मुताबिक, "देश की परिवारों की कुल वित्तीय संपत्तियों की वैल्यू वित्त वर्ष 25 में बढ़कर 9.9 लाख करोड़ रुपए या जीडीपी का 6 प्रतिशत हो गई है, जो कि वित्त वर्ष 24 में जीडीपी के 5.3 प्रतिशत पर थी।" भारतीय परिवारों की बचत में बीते दो वर्षों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जो कि वित्त वर्ष 23 में जीडीपी के 4.3 प्रतिशत पर पहुंच गया था। यह 1970 के बाद परिवारों की बचत का सबसे न्यूनतम स्तर था। यह बदलाव दिखाता है कि कोरोना महामारी के बाद भारतीय परिवार तेजी से बचत को प्राथमिकता दे रहे हैं।

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