Fake Kashmiri Carpets: जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने पश्चिम बंगाल की एक निजी कंपनी 'ज्वेल कारपेट' और ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। इन दोनों कंपनियों पर आरोप है कि वे नकली कालीनों को 'असली कश्मीरी हाथ से बने सिल्क कालीन' बताकर ऑनलाइन बेच रही हैं। इस मामले में हस्तशिल्प और हथकरघा विभाग ने नोटिस जारी किया है।
कश्मीरी कालीनों की नकली बिक्री पर सख्त हुआ प्रशासन (तस्वीर-istock)
सोशल मीडिया पर खुलासा
न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक इस मुद्दे को लेकर जम्मू-कश्मीर की हस्तशिल्प और हथकरघा विभाग की निदेशक मुसरत जिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा की। उन्होंने एक स्क्रीनशॉट पोस्ट किया जिसमें दिखाया गया कि कथित नकली कालीनों को भारी छूट के साथ मात्र ₹2,160 और ₹2,630 में बेचा जा रहा है। जबकि असली कश्मीरी रेशमी कालीनों की कीमत काफी अधिक होती है।
नकली उत्पादों से कारीगरों को नुकसान
मुसरत ज़िया ने अपनी पोस्ट में लिखा कि यह पूरी तरह अस्वीकार्य है। इस तरह सस्ते नकली उत्पादों को असली बताना न केवल उपभोक्ताओं को गुमराह करता है, बल्कि कश्मीर के कारीगरों और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों की साख को भी नुकसान पहुंचाता है।"
कड़ी चेतावनी और निर्देश
जारी नोटिस में कंपनियों को भ्रामक विज्ञापन तत्काल हटाने और सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही, उनसे तीन दिनों के भीतर नकली ब्रांडिंग के तहत हुई बिक्री का पूरा विवरण देने और अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा गया है।
