नई दिल्ली। टेक सेक्टर की दिग्गज कंपनियों के कर्मचारियों के बुरे दिन चल रहे हैं। माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर (Twitter) के बाद अब एक और दिग्गज कंपनी ने कर्मचारियों को निकालने का फैसला लिया है। बुधवार को फेसबुक (Facebook) की पैरेंट कंपनी मेटा (Meta) ने 11 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की घोषणा की। यह साल 2022 की सबसे बड़ी छंटनी में से एक है।
Twitter के बाद अब Facebook में होगी छंटनी
क्यों हो रही है छंटनी?
फेसबुक के मूल कंपनी मेटा ने बुधवार को उच्च लागत और राजस्व में कमी का हवाला देते हुए 11,000 से भी ज्यादा कर्मचारियों को निकालने की बात कही। हाल ही में एलन मस्क (Elon Musk) की ट्विटर (Twitter) और माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) जैसी प्रमुख कंपनियों में भी बड़े पैमाने पर छंटनी हुई थी।
जुकरबर्ग ने किया ऐलान
इस संदर्भ में मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) ने आज एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि आज मैं मेटा के इतिहास में किए गए कुछ सबसे कठिन बदलावों को शेयर कर रहा हूं। मैंने अपनी टीम के आकार को लगभग 13 फीसदी कम करने और हमारे 11,000 से ज्यादा प्रतिभाशाली कर्मचारियों को निकालने का फैसला किया है। जुकरबर्ग ने यह भी कहा कि हम अपने खर्चों में कटौती करके और पहली तिमाही तक अपने हायरिंग फ्रीज को बढ़ाकर कुशल कंपनी बनने के लिए कई अतिरिक्त कदम उठा रहे हैं।
कर्मचारियों को मिलेंगे पैसे
मेटा से बर्खास्त किए गए कर्मचारियों को सर्विस के हर एक साल के लिए दो अतिरिक्त हफ्तों के साथ 16 हफ्तों की बेसिक सैलरी मिलेगा। इसके अलावा कंपनी ने कहा कि कर्मचारियों को छह महीने के लिए स्वास्थ्य सेवा का खर्च भी मिलेगा।
छंटनी के बारे में जुकरबर्ग ने कहा कि दुर्भाग्य से यह उनकी अपेक्षा के अनुरूप नहीं हैं। दरअसल व्यापक आर्थिक मंदी, उद्योग में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और विज्ञापन से जुड़ी कुछ समस्याओं की वजह से कंपनी की इनकम जुकरबर्ग की अपेक्षा से काफी कम हुई है।
ट्विटर के कर्मचारियों का भी बुरा हाल!
मालूम हो कि इससे पहले दुनिया के सबसे रईस शख्स एलन मस्क ने ट्विटर का अधिग्रहण करने के बाद वहां बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को बाहर निकाला था। पिछले हफ्ते ट्विटर के काम कर रहे 7,500 कर्मचारियों में से लगभग 50 फीसदी की नौकरी चली गई थी।
