केंद्रीय उद्योग और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बीते सोमवार को उद्योग प्रतिनिधियों के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें खासतौर पर एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यम) से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा हुई। इस बैठक में कारोबारियों ने बताया कि उन्हें निर्यात करते समय कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। निर्यातकों ने ज्यादा अनुपालन लागत (compliance cost), सख्त परीक्षण नियम (testing requirements) और विदेशी बाजारों में प्रवेश की मुश्किलों को अपनी परेशानी बताया। यह जानकारी एक आधिकारिक बयान में मंगलवार को दी गई। जब छोटे और मझोले उद्योग अपने उत्पाद विदेशों में भेजना चाहते हैं, तो उन्हें कई नियमों का पालन करना पड़ता है। इन नियमों को पूरा करने में समय और पैसा दोनों ज्यादा लगता है, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धा कम हो जाती है। जिसे देखते हुए उद्योग जगत ने सरकार से इन प्रक्रियाओं को आसान बनाने की मांग की।
Piyush Goyal (Photo: X handle/ @PiyushGoyal)
सरकार हर संभव मदद को तैयार
पीटीआई (भाषा) की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री गोयल ने निर्यातकों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी हर संभव मदद करेगी। उन्होंने कहा कि कारोबार को आसान बनाने (ease of doing business) और निर्यात में आने वाली रुकावटों को कम करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए सरकार अलग-अलग योजनाएं और सुधार लागू कर रही है, ताकि छोटे उद्योग भी वैश्विक बाजार में अपनी जगह बना सकें।
निर्यातक व्यापार समझौते का उठाएं फायदा
केंद्रीय मंत्री गोयल ने यह भी कहा कि भारत ने कई विकसित देशों के साथ व्यापार समझौते (trade agreements) किए हैं, जिनका पूरा फायदा उठाना जरूरी है। अगर निर्यातक इन समझौतों का सही समय पर इस्तेमाल करें, तो उन्हें नए बाजार मिल सकते हैं, निर्यात बढ़ सकता है और देश में रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
2030 तक 2 ट्रिलियन डॉलर का निर्यात लक्ष्य
भारत के निर्यात आंकड़ों पर नजर डालें तो 2025-26 में देश का कुल वस्तु और सेवा निर्यात 860.09 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 4.22 प्रतिशत ज्यादा है। इसमें इंजीनियरिंग सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाइयां, रसायन, रत्न-आभूषण और कृषि उत्पाद जैसे क्षेत्रों का बड़ा योगदान रहा है। केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि यह उपलब्धि 2030 तक 2 ट्रिलियन डॉलर (दो लाख करोड़ डॉलर) के निर्यात लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार करती है।
