कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने सदस्यों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी और सलाह जारी की है। संगठन ने ईपीएफ (EPFO) खातों केनिष्क्रिय (इनऑपरेटिव) होने से जुड़े बुनियादी नियमों को स्पष्ट किया है, ताकि खाताधारक अपने जमा पैसों पर ब्याज का नुकसान उठाने से बच सकें। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर जारी एक पोस्ट के माध्यम से EPFO ने इस बात पर जोर दिया है कि तय समय-सीमा के भीतर पात्र ईपीएफ राशि की निकासी करना सदस्यों के वित्तीय लाभ के लिए कितना जरूरी है।
PF खाताधारकों सावधान!
क्या होता है इनऑपरेटिव अकाउंट?
EPFO के नियमानुसार, जब किसी सदस्य की नौकरी छूट जाती है या वह अपने पीएफ खाते में योगदान देना बंद कर देता है, और एक तय अवधि तक उस खाते में कोई नया अंशदान नहीं आता, तो वह खाता 'इनऑपरेटिव' यानी निष्क्रिय की श्रेणी में चला जाता है। इसके बाद खाते पर मिलने वाला ब्याज प्रभावित हो सकता है या बंद हो सकता है। इसी नुकसान से बचाने के लिए ईपीएफओ ने दो प्रमुख स्थितियां स्पष्ट की हैं, जिनमें सदस्यों को तुरंत कदम उठाना चाहिए।
निकासी के लिए समय-सीमा का गणित
ईपीएफओ ने सदस्यों को दो मुख्य स्थितियों के आधार पर राशि निकालने की सलाह दी है:-
- 55 वर्ष की आयु से पहले सेवानिवृत्त होने पर: अगर कोई कर्मचारी 55 वर्ष की उम्र से पहले रिटायर होता है, तो उसे ब्याज के नुकसान से बचने के लिए अपनी 58 वर्ष की आयु पूरी होने से पहले ईपीएफ की राशि निकाल लेनी चाहिए।
- 55 वर्ष या उसके बाद सेवानिवृत्त होने पर: अगर कोई सदस्य 55 वर्ष की आयु में या उसके बाद रिटायर होता है, तो उसे सेवानिवृत्ति यानी रिटायरमेंट की तारीख से तीन साल के भीतर अपना पूरा ईपीएफ फंड निकाल लेना चाहिए।
बचत को सुरक्षित रखने के 5 मुख्य कदम
अपने रिटायरमेंट फंड और ईपीएफ जमा को सुरक्षित व सुरक्षित रखने के लिए ईपीएफओ ने सदस्यों को पांच आसान उपाय सुझाए हैं:-
- नियमित ट्रैकिंग: अपने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) के जरिए अपने ईपीएफ खाते का बैलेंस और स्टेटस समय-समय पर चेक करते रहें।
- केवाईसी अपडेट रखें: अपने खाते में बैंक खाते की सही जानकारी और अन्य जरूरी पहचान विवरण हमेशा अपडेट (Up-to-Date) रखें।
- जॉब बदलने पर बैलेंस ट्रांसफर: जब भी आप नई नौकरी में जाएं, तो पुराने पीएफ बैलेंस को नए खाते में ट्रांसफर करना न भूलें।
- समयबद्ध निकासी: रिटायरमेंट के बाद ईपीएफओ द्वारा निर्धारित समय-सीमा के अंदर अपनी जमा राशि की निकासी की प्रक्रिया पूरी करें।
- दिशा-निर्देशों का पालन: ईपीएफओ द्वारा समय-समय पर जारी की जाने वाली नई सलाहों और खाता संबंधी नियमों की जानकारी रखें।
ईपीएफओ का यह अभियान यह दर्शाता है कि रिटायरमेंट प्लानिंग केवल पैसे जमा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उस पैसे का सही समय पर और जिम्मेदारी से प्रबंधन करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
