Economic Survey 2026: 4.09 लाख करोड़ रुपए सीधे किसानों के खाते में डाले गए, अन्नदाता को लेकर ये बड़ी तैयारी

इस सर्वे में बताया गया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत शुरुआत से अब तक 4.09 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि पात्र किसानों को जारी की जा चुकी है। इसके अलावा बताया गया कि कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों का वर्तमान मूल्यों पर भारत की राष्ट्रीय आय में लगभग 20 प्रतिशत योगदान है, जबकि देश की 46.1 प्रतिशत कार्यबल आज भी इसी क्षेत्र पर निर्भर है।

लोकसभा में आज पेश किया गया इकोनॉमिक सर्वे 2026 भारतीय कृषि की एक नई और बदलती तस्वीर पेश करता है। सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक, भारत की राष्ट्रीय आय में कृषि और इससे जुड़ी गतिविधियों का योगदान करीब 20 प्रतिशत है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि देश की 46.1 प्रतिशत कार्यबल यानी लगभग आधी आबादी आज भी अपनी आजीविका के लिए इसी क्षेत्र पर टिकी है। यही कारण है कि देश की समग्र विकास यात्रा में कृषि को केंद्र में रखा गया है। सरकार ने अपनी रिपोर्ट में साफ किया है कि कृषि का मजबूत होना न केवल समावेशी विकास के लिए जरूरी है, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी यह सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ है।

Kisan farmers

किसानों के अकाउंट में डाले गए 4.09 लाख करोड़ रुपये

आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना ने किसानों को बड़ी आर्थिक सुरक्षा दी है। योजना की शुरुआत से लेकर अब तक पात्र किसानों के खातों में 4.09 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है। पिछले पांच वर्षों में कृषि क्षेत्र ने औसतन 4.4 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की है, जो वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय कृषि के लचीलेपन को दर्शाती है। दिलचस्प बात यह है कि कृषि क्षेत्र की इस तरक्की में अब केवल पारंपरिक फसलों का ही हाथ नहीं है, बल्कि सहायक क्षेत्र जैसे पशुपालन और मछली पालन अब कमाई के मुख्य इंजन बन गए हैं। आंकड़ों के अनुसार, पिछले दशक में पशुपालन क्षेत्र में 7.1% और मत्स्य पालन में 8.8% की शानदार बढ़ोतरी हुई है, जबकि फसल क्षेत्र की वृद्धि 3.5% रही है।

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