Pollution Effects On Business: चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में बिगड़ते वायु प्रदूषण और उससे निपटने के लिए लागू किए गए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी-4) के तहत कड़े प्रतिबंधों ने बिजनेसों को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिसके नतीजे में पिछले महीने यानी नवंबर में 2,500 करोड़ रुपये का अनुमानित नुकसान हुआ है। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल और प्रेसिडेंट सुभाष खंडेलवाल ने एक बयान में कहा कि कमर्शियल और हल्के वाहनों पर प्रतिबंध के साथ-साथ बाहर से दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों की संख्या में जोरदार कमी से ट्रेड, इंडस्ट्री और टूरिज्म पर बुरा असर पड़ा है।
कारोबार पर प्रदूषण का प्रभाव
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रिटेल मार्केट्स को हो रहा नुकसान
गोयल ने कहा कि दिल्ली में रिटेल मार्केट्स में मंदी देखी जा रही है क्योंकि शहर की हवा की क्वालिटी 'गंभीर' श्रेणी में पहुँच गई है। टीवी, अख़बारों और सोशल मीडिया के जरिए प्रदूषण के बारे में मिल रही जानकारी लोगों को बाज़ार जाने से रोक रही है।
क्या हो रहा दिल्ली में
- दिल्ली से बाहरे के ग्राहकों की संख्या घटी
- रोज 100 करोड़ रु का हो रहा नुकसान
- नवंबर में करीब 2500 करोड़ का घाटा
ऑनलाइन खरीदारी को तवज्जो दे रहे दुकानदार
सीटीआई के अनुसार प्रदूषण बढ़ने से पहले एनसीआर से लगभग 3-4 लाख लोग रोजाना खरीदारी के लिए दिल्ली आते थे। हालांकि, अब यह संख्या घटकर लगभग 1 लाख रह गई है। बयान में यह भी कहा गया है कि स्थानीय दुकानदार बाजारों में जाने के बजाय ऑनलाइन खरीदारी को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे व्यापार घाटा और बढ़ रहा है।
रोज 100 करोड़ का नुकसान
बयान में कहा गया है, "इस वजह से दिल्ली के कारोबारियों को हर दिन करीब 100 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। पिछले महीने में यह नुकसान बढ़कर करीब 2,500 करोड़ रुपये हो गया है।" गोयल ने शादी और पर्यटन सीजन पर पड़ने वाले निगेटिव असर पर भी रोशनी डाली और कहा कि 200 से अधिक प्रोग्राम स्थगित कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा, "ज़हरीली हवा के कारण दिल्ली से बाहर के लोग यहां कार्यक्रम आयोजित करने से हिचकिचा रहे हैं।"
