Dry Fruits Prices : दिवाली पर इस बार ड्राई फ्रूट्स के तोहफे का डिब्बा बदला-बदला नजर आ सकता है। कीमतों में भारी उछाल के कारण खुदरा विक्रेता डिब्बों को भरने के लिए अन्य सस्ते विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। इस साल दिवाली गिफ्ट हैंपर्स से पिस्ता करीब-करीब गायब सा हो गया है। कीमतों में जबरदस्त तेजी और आपूर्ति की कमी के कारण कंपनियां और खुदरा विक्रेता पिस्ता की जगह बीजों और बेरीज जैसे सस्ते विकल्पों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अलावा, गिफ्टिंग की लागत को बजट में रखने के लिए बादाम की मात्रा में भी कटौती की जा रही है। हालांकि, उद्योग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, इन बदलावों के बावजूद ड्राई फ्रूट्स और नट्स के गिफ्ट पैक की बिक्री में सालाना आधार पर 5 से 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
महंगे हुए ड्राई फ्रूट्स
पिस्ता के दाम हुए दोगुने, बादाम की कीमतें भी 20% बढ़ीं
एक साल पहले की तुलना में पिस्ता की खुदरा कीमतें करीब दोगुनी हो चुकी हैं। ड्राई फ्रूट प्रोसेसर्स और आयातकों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण आपूर्ति में आई बाधाओं और अमेरिका (कैलिफोर्निया) में फसल कम होने की वजह से पिस्ता के दाम आसमान छू रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, बादाम की कीमतों में भी करीब 20 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक नट्स एंड ड्राई फ्रूट्स काउंसिल ऑफ इंडिया (NDFC-I) के सेंट्रल गवर्निंग काउंसिल के सदस्य रवींद्र मेहता ने बताया कि इस साल पिस्ता ने पूरा खेल बिगाड़ दिया है। ईरान, अफगानिस्तान और कैलिफोर्निया समेत सभी प्रमुख उत्पादक देशों से आने वाले पिस्ता के दाम बढ़े हैं। कैलिफोर्निया में इस बार पिस्ता की फसल पिछले साल की तुलना में केवल 40% रहने का अनुमान है, जिससे थोक बाजार में पिस्ता 50% से अधिक और खुदरा बाजार में इससे भी ज्यादा महंगा हो गया है।
ड्राई फ्रूट्स की पूरी बास्केट 20 से 40% तक हुई महंगी
कीमतों में यह बढ़ोतरी केवल पिस्ता और बादाम तक ही सीमित नहीं है। आयातकों, थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं का कहना है कि नट्स और ड्राई फ्रूट्स की पूरी बास्केट पिछले साल के मुकाबले 25 से 40 प्रतिशत तक महंगी हो चुकी है। दामों में आए इस उछाल के पीछे कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कारण हैं, जिनमें मौसम की वजह से वैश्विक उत्पादन में आई कमी, भारी शिपिंग खर्च, ईरान और अफगानिस्तान से आपूर्ति में गिरावट तथा डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये का कमजोर होना शामिल है। अनुमान के मुताबिक करीब 75,000 करोड़ रुपये के भारतीय नट्स और ड्राई फ्रूट्स उद्योग की कुल सालाना बिक्री का 30 से 35 प्रतिशत हिस्सा अकेले दिवाली के सीजन में ही होता है। खजूर, पेकान और कद्दू के बीज भी 5 से 10 फीसदी तक महंगे हुए हैं। दूसरी ओर, काजू, किशमिश, अखरोट और मखाना की कीमतों में अपेक्षाकृत कम बढ़ोतरी हुई है। कीमतों में इस तेज उछाल का असर त्योहारों की खरीदारी पर भी पड़ रहा है। हालांकि दिवाली के बाद बादाम की नई फसल बाजार में आने से इसकी कीमतों में 5 से 10 फीसदी तक नरमी आने की उम्मीद है।
क्यों बढ़ रहे हैं ड्राई फ्रूट्स के दाम?
ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में तेजी की सबसे बड़ी वजह उत्पादन में कमी और आयात से जुड़ी चुनौतियां हैं। अनुमान है कि पिस्ता के उत्पादन में 40 से 50 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है। वहीं, बादाम का उत्पादन भी करीब 10 प्रतिशत घटने की आशंका है। इससे बाजार में इनकी उपलब्धता और सप्लाई प्रभावित हुई है। इसके अलावा, ईरान और अफगानिस्तान से ड्राई फ्रूट्स की आवक धीमी पड़ने से भी बाजार पर दबाव बढ़ा है। ईरान से माल मंगाने का परिवहन खर्च करीब 10 गुना तक बढ़ गया है। वहीं, एयर फ्रेट की लागत भी बढ़ गई है। बढ़ती कीमतों और महंगे आयात के कारण ड्राई फ्रूट्स के इंपोर्ट में भी करीब 10 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसका असर घरेलू बाजार में बिक्री पर दिखाई दे रहा है। महंगे दामों के चलते ग्राहक खरीदारी में कटौती कर रहे हैं, जिससे कारोबारियों पर भी दबाव बढ़ रहा है।
कम हुए गिफ्ट पैक्स का घटा वजन
पिस्ता की कमी और महंगे बादाम के चलते कंपनियों ने गिफ्ट हैंपर्स का कुल वजन घटाना शुरू कर दिया है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, ड्राई फ्रूट गिफ्ट पैक्स के वजन में ऐसी कटौती पहले कभी नहीं देखी गई थी। चूंकि कंपनियों और लोगों का कॉरपोरेट गिफ्टिंग बजट तय होता है, इसलिए कीमतों को सीमा में रखने के लिए ड्राई फ्रूट्स की मात्रा कम की जा रही है। हालांकि, पिस्ता हटने के बावजूद बादाम, काजू और किशमिश अभी भी इन पैक्स का मुख्य हिस्सा बने हुए हैं।
