मिनिमम ड्यू भरने से गिरता है सिबिल स्कोर तो बैंक वाले क्यों देते हैं ये ऑप्शन?

क्रेडिट कार्ड का मिनिमम ड्यू भरने से तात्कालिक लेट फीस तो बच जाती है, लेकिन लंबे समय में यह आपके सिबिल स्कोर को गिरा सकता है। जानिए बैंक ग्राहकों को यह विकल्प क्यों देते हैं और इससे क्या जोखिम जुड़े हैं।

क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते समय कई बार लोग पूरा बिल चुकाने के बजाय 'मिनिमम अमाउंट ड्यू' (Minimum Amount Due) भरने का रास्ता चुनते हैं। आमतौर पर यह कुल बिल का 5% से 10% होता है। बहुत से लोग सोचते हैं कि मिनिमम ड्यू देकर वे पेनल्टी से बच गए हैं और उनका काम हो गया, लेकिन असलियत में यह एक ऐसा वित्तीय जाल (Debt Trap) है जो आपके सिबिल (CIBIL) स्कोर को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर मिनिमम ड्यू चुकाने से सिबिल स्कोर गिरता है और कर्ज बढ़ता है, तो बैंक अपने ग्राहकों को यह विकल्प देते ही क्यों हैं?

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मिनिमम ड्यू भरने से गिरता है सिबिल स्कोर तो बैंक वाले क्यों देते हैं ये ऑप्शन?

मिनिमम ड्यू क्यों देते हैं बैंक वाले?

सब्सक्रिप्शन और बैंकिंग नियमों के अनुसार, बैंक मिनिमम अमाउंट ड्यू का विकल्प मुख्य रूप से ग्राहकों को 'डिफॉल्टर' बनने से बचाने के लिए प्रदान करते हैं। जब आप तय तारीख तक मिनिमम ड्यू चुका देते हैं, तो बैंक आपके अकाउंट को 'ओवरड्यू' नहीं मानता। इससे आप पर लगने वाली भारी 'लेट पेमेंट फीस' (Late Payment Fee) बच जाती है और क्रेडिट रिपोर्ट में आपके खाते पर तुरंत लेट पेमेंट का नेगेटिव मार्क नहीं लगता। यह एक तरह की आपातकालीन सुविधा है ताकि किसी महीने पैसों की तंगी होने पर ग्राहक को तात्कालिक राहत मिल सके।

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