बैंक की बातों में आकर लोन सेटल किया? जानें क्या लोन सेटलमेंट करने से हमेशा के लिए खराब होता है आपका CIBIL स्कोर!

वित्तीय संकट के समय बैंक अक्सर 'लोन सेटलमेंट' का ऑफर देते हैं, लेकिन यह फैसला आपके सिबिल (CIBIL) स्कोर को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। जानिए लोन सेटलमेंट का क्रेडिट रिपोर्ट पर असर और इससे बचने के सही उपाय।

जब कोई व्यक्ति आर्थिक तंगी, नौकरी छूटने या व्यापार में घाटे के कारण अपने लोन की ईएमआई (EMI) समय पर नहीं चुका पाता, तो बैंक या रिकवरी एजेंट उसे 'लोन सेटलमेंट' (Loan Settlement) की सलाह देते हैं। कई लोग बैंक की मीठी-मीठी बातों में आकर इसे एक आसान राहत मान लेते हैं। लोन सेटलमेंट के तहत बैंक ग्राहक को कुल बकाया राशि (प्रिंसिपल और ब्याज) से कम रकम देकर खाता बंद करने की छूट दे देता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि लोन सेटलमेंट करने का यह एक फैसला आपके सिबिल स्कोर (CIBIL Score) और वित्तीय भविष्य को बुरी तरह तबाह कर सकता है?

Loan Settlement

क्या लोन सेटलमेंट करने से हमेशा के लिए खराब होता है आपका CIBIL स्कोर!

लोन सेटेलमेंट क्या है?

तकनीकी रूप से, 'लोन क्लोजर' और 'लोन सेटलमेंट' में ज़मीन-आसमान का अंतर होता है। जब आप लोन की पूरी रकम ब्याज सहित चुकाते हैं, तो बैंक आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में 'Closed' दर्ज करता है, जो एक पॉजिटिव स्टेटस है। वहीं, जब आप कम पैसे देकर मामला निपटाते हैं, तो बैंक क्रेडिट ब्यूरो (CIBIL, Experian आदि) को रिपोर्ट भेजता है कि ग्राहक ने लोन पूरा नहीं चुकाया। आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में लोन स्टेटस के आगे 'Settled' लिख दिया जाता है। इसका सीधा और नकारात्मक असर आपके सिबिल स्कोर पर पड़ता है और वह तेजी से (लगभग 50 से 100 अंक तक) गिर जाता है।

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