Share Market में निवेश करने से पहले बहुत से लोग सबसे पहले यही देखते हैं कि किसी शेयर या म्यूचुअल फंड ने पिछले 3, 5 या 10 साल में कितना रिटर्न दिया है। इसके बाद अगर चार्ट ऊपर जाता दिखे तो निवेश का भरोसा और बढ़ जाता है। लेकिन दिग्गज निवेशक Warren Buffett निवेश की इसी आदत पर एक बेहद अहम सवाल उठाते हैं, "क्या पुराना डेटा वास्तव में भविष्य बता सकता है?"
वारेन बफे की बड़ी सलाह
इस सवाल का जवाब भी खुद बफे ने दिया है। वे कहते हैं कि किसी स्टॉक के ट्रेंड, प्राइस मोमेंटम को देखने के लिए हिस्टोरिक परफॉर्मेंस का डेटा अहम होता है। लेकिन, पिछला डेटा उस समय की दुनिया को दिखाता है, लेकिन भविष्य में परिस्थितियां बदल सकती हैं। ऐसे में पुराने प्रदर्शन, ऐतिहासिक डिफॉल्ट या पुराने मॉडल को सीधे भविष्य पर लागू करना निवेशक को गलत दिशा में ले जा सकता है।
पुराना डेटा क्यों दे सकता है धोखा?
बफे 2008 के वित्तीय संकट का उदाहरण देते हुए बताते हैं कि उस दौर में कई संस्थानों ने पुराने आंकड़ों के आधार पर जोखिम का अनुमान लगाया था। समस्या यह थी कि जिस दौर का डेटा इस्तेमाल किया जा रहा था, बाजार की मौजूदा परिस्थितियां उससे अलग हो चुकी थीं। पिछले समय में घरों की कीमतों में अपेक्षाकृत सीमित बढ़ोतरी हुई थी, लेंडिंग मानक अलग थे और आवास बाजार में सट्टेबाजी भी उतनी नहीं थी। लेकिन बाद में घरों की कीमतें तेजी से बढ़ीं, कर्ज देने की शर्तें कमजोर हुईं और कई खरीदारों ने अपनी क्षमता से ज्यादा महंगे घर खरीद लिए। फिर भी पुराने दौर के प्रदर्शन और डिफॉल्ट रिकॉर्ड को भविष्य का पैमाना बना लिया गया। यही सबसे बड़ी गलती थी।
....तो लाइब्रेरियन होते अरबपति
डेटा में भविष्य खोजने वालों को बफे तीखे अंदाज में समझाते हुए कहते हैं कि अगर सिर्फ पुराने वित्तीय डेटा को देखकर भविष्य का पता लगाया जा सकता, तो दुनिया के सबसे बड़े अमीर निवेशक नहीं, बल्कि लाइब्रेरियन होते। उन्होंने ऐसे गणितीय मॉडल्स पर भी चेतावनी दी, जो बेहद जटिल दिखाई देते हैं, लेकिन जिनके पीछे की धारणाएं बदलने पर पूरा नतीजा बदल सकता है। बफै का कहना है कि समस्या डेटा में नहीं, समस्या यह मान लेने में है कि भविष्य की परिस्थितियां भी अतीत जैसी ही रहेंगी।
वारेन बफे ने बताया क्यों पिछले रिटर्न कामयाब नहीं
सिर्फ रिटर्न नहीं, रिटर्न की वजह समझिए
बफे इस मुश्किल का हल भी बताते हैं। बफे के मुताबिक किसी भी एसेट में निवेश से पहले उसके रिटर्न देने की वजहों को समझना जरूरी है। किसी शेयर ने पिछले 5 साल में शानदार प्रदर्शन किया है। सिर्फ यह देखकर शेयर खरीद लेना आसान है। लेकिन, बफै कहते हैं कि जब आप शेयर खरीदें, जो यह जानें कि इसने पांच साल में इतना रिटर्न कैसे और क्यों दिया? क्या जिन परिस्थितियों में स्टाॅक 5 साल में चला उतना अगल 5 साल भी चल पाएगा। यह जानने के लिए सबसे पहले यह जानें कि क्या क्या कंपनी की बिक्री लगातार बढ़ रही है? क्या मुनाफा टिकाऊ तरीके से बढ़ा है? क्या कर्ज कम हुआ या बढ़ गया? क्या कंपनी का कारोबार मजबूत हुआ या सिर्फ बाजार में उसकी वैल्यूएशन बढ़ी? क्या जिस सेक्टर की वजह से कंपनी को फायदा मिला, वही परिस्थितियां आगे भी रहेंगी? जब इन सवालों के जवाब मिलें, तभी किसी कंपनी में निवेश करें।
एक्सपर्ट व्यू: यह निवेश सलाह मशहूर निवेशक वारेन बफे के विचारों पर आधारित है।
डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
