12 लाख से सिर्फ 1500 ज्यादा कमाई होने पर क्या भरना होगा पूरा इनकम टैक्स?

न्यू टैक्स रिजीम के तहत अगर आपकी आय 12 लाख से सिर्फ ₹1,500 ज्यादा हो जाती है, तो आपको पूरा टैक्स नहीं भरना होगा। सरकार के 'मार्जिनल रिलीफ' नियम के तहत आपको इस अतिरिक्त कमाई पर बड़ी राहत मिलती है।

नई दिल्ली: बजट के बाद से ही टैक्सपेयर्स के बीच एक सबसे बड़ा सवाल यह घूम रहा है कि क्या न्यू टैक्स रिजीम (New Tax Regime) के तहत अगर किसी व्यक्ति की नेट टैक्सेबल इनकम 12 लाख की सीमा को थोड़ा सा भी पार कर जाती है, तो क्या उसे पूरे स्लैब के हिसाब से भारी टैक्स चुकाना पड़ेगा? उदाहरण के लिए, मान लीजिए आपकी सालाना टैक्सेबल कमाई 12 लाख के बजाय 12,01,500 हो जाती है, यानी तय सीमा से मात्र 1,500 ज्यादा। ऐसी स्थिति में क्या आपको 60,000 से अधिक का पूरा टैक्स देना होगा? अगर आप भी इसी उलझन में हैं और आपको लगता है कि 1500 एक्स्ट्रा कमाने के चक्कर में आपका बड़ा नुकसान हो जाएगा, तो आपके लिए एक बहुत बड़ी राहत की खबर है। इनकम टैक्स के नियमों के मुताबिक, आपको इस मामूली सी अतिरिक्त कमाई पर भारी-भरकम टैक्स नहीं देना होगा।

Income Tax

1500 ज्यादा कमाई पर कैसे बचेगा टैक्स?

इस बड़ी राहत के पीछे सरकार का एक खास नियम काम करता है, जिसे 'मार्जिनल रिलीफ' (Marginal Relief) यानी सीमांत राहत कहा जाता है। दरअसल, टैक्सपेयर्स को एक बड़े टैक्स 'क्लिफ' (अचानक टैक्स का बोझ बढ़ने) से बचाने के लिए इनकम टैक्स विभाग इस नियम का इस्तेमाल करता है। न्यू टैक्स रिजीम के तहत नियम यह है कि यदि आपकी कुल टैक्सेबल आय ₹12 लाख तक है, तो आपको सेक्शन 87A के तहत ₹60,000 की पूरी टैक्स छूट (Rebate) मिलती है, जिससे आपकी टैक्स लायबिलिटी 'जीरो' हो जाती है। लेकिन अगर आपकी आय ₹12 लाख से थोड़ी भी ऊपर निकल जाती है, तो नियमानुसार आप सीधे टैक्स रिबेट के दायरे से बाहर हो जाते हैं और स्लैब के हिसाब से आपका टैक्स ₹60,000 से ऊपर बन जाता है। यहीं पर टैक्सपेयर्स को बचाने के लिए 'मार्जिनल रिलीफ' का नियम एंट्री लेता है।

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