Disinvestment Plan of Govt of India: केंद्र सरकार प्राइवेटाइजेशन के लिए तय की कई सरकारी कंपनियों के लिए संभावित खरीदारों से मिली बोलियों का पुनर्मूल्यांकन करेगी। इन कंपनियों में शिपिंग कॉर्पोरेशन और बीईएमएल शामिल हैं। हालांकि कॉनकॉर (Container Corporation of India) और बीपीसीएल (BPCL) फिलहाल विचाराधीन नहीं हैं। निवेश एवं सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांता पांडे ने पुष्टि की है कि आरबीआई के "उपयुक्त और उचित" मूल्यांकन के बाद आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) बोलीदाताओं को जल्द ही डेटा रूम का एक्सेस दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य इस साल के अंत तक बिक्री पूरी करना है।
भारत सरकार की विनिवेश योजना
ये भी पढ़ें -
इन कंपनियों का भी लग सकता है नंबर
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार पांडे ने कहा है कि हम सभी लंबित ट्रांजेक्शन को रिव्यू करेंगे, यह देखने के लिए कि बोलीदाताओं की कंपनियों को खरीदने की रुचि जारी रहेगी या नहीं। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान लेटेक्स लिमिटेड (एचएलएल) और एनएमडीसी स्टील जैसी कंपनियां भी संभावित प्राइवेटाइजेशन की लिस्ट में हैं।
4 साल से अटका है शिपिंग कॉर्पोरेशन और BEML का मामला
शिपिंग कॉर्पोरेशन और BEML से जुड़े लेन-देन करीब चार साल से अटके हैं और इन पर कोई नतीजा नहीं निकल रहा है। कॉनकॉर और BPCL की बिक्री को पहले संबंधित रेलवे और पेट्रोलियम मंत्रालयों के विरोध के कारण स्थगित कर दिया गया था।
पांडे ने स्पष्ट किया है कि मैं इस समय वास्तव में कोई अनुमान नहीं लगाऊंगा। हमारा प्रयास यह सुनिश्चित करना होगा कि इनकी बिक्री सफलतापूर्वक पूरी हो। योजना को स्थगित नहीं किया गया है। इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पहले आश्वासन दिया था कि सरकार पहले से स्वीकृत योजनाओं को पूरा करेगी।
