डिजिटल फ्रॉड पीड़ितों को 85% तक पैसा मिल पाएगा वापस, RBI ने दी बड़ी राहत

डिजिटल फ्रॉड का शिकार होने वाले पीड़ितों को अब उनकी रकम का 85% तक पैसा मुआवजे के तौर पर वापस मिल पाएगा। रिजर्व बैंक ने इस संबंध में एक नया पायलट फ्रेमवर्क पेश किया है।

RBI Digital Fraud Compensation Rule 2026 : ऑनलाइन स्कैम, फर्जी कॉल, यूपीआई फ्रॉड और 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे साइबर अपराधों के लगातार बढ़ते मामलों के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंक ग्राहकों के लिए बड़ी राहत देने वाला नया पायलट फ्रेमवर्क पेश किया है। इसके तहत पहली बार सोशल इंजीनियरिंग यानी डराकर, बहलाकर या झांसा देकर कराए गए डिजिटल ट्रांजैक्शन को भी मुआवजे के दायरे में शामिल किया गया है।

RBI digital fraud compensation

रिजर्व बैंक ने शुरू की पायलट योजना

कब से लागू होगी नई व्यवस्था?

RBI Pilot Scheme : यह पायलट योजना 1 जनवरी, 2027 से एक साल के लिए लागू होगी। हालांकि, इसमें अधिकतम ₹50,000 तक के डिजिटल फ्रॉड ही शामिल होंगे और एक ग्राहक को केवल एक बार ही इस योजना का लाभ मिलेगा।

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