DA hike 2026 : केंद्र सरकार ने हाल ही में अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से लागू मानी गई है। इसके बाद DA 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया है। सरकार समय-समय पर DA में बदलाव इसलिए करती है ताकि बढ़ती महंगाई का असर कर्मचारियों और रिटायर्ड लोगों की आय पर कम पड़े। इससे कर्मचारियों की सैलरी और पेंशनर्स की मासिक पेंशन में बढ़ोतरी होती है।
केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ता में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की (तस्वीर-istock)
क्या होता है महंगाई भत्ता?
महंगाई भत्ता केंद्र सरकार के कर्मचारियों, रक्षा कर्मियों, रेलवे कर्मचारियों और पेंशनर्स को दिया जाने वाला एक अतिरिक्त भुगतान है। इसका मुख्य उद्देश्य रोजमर्रा की चीजों की बढ़ती कीमतों से राहत देना है। यह मूल वेतन यानी बेसिक पे का एक तय प्रतिशत होता है। जैसे-जैसे महंगाई बढ़ती है, सरकार DA में भी बढ़ोतरी करती है ताकि कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनी रहे।
साल में दो बार होती है समीक्षा
DA की समीक्षा आमतौर पर साल में दो बार की जाती है। यह फैसला ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के आधार पर लिया जाता है। सरकार आमतौर पर मार्च और अक्टूबर में DA बढ़ाने या घटाने की घोषणा करती है, जबकि इसका भुगतान जनवरी और जुलाई से लागू माना जाता है। 7वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद अब तक कई बार DA में बढ़ोतरी हो चुकी है। जुलाई 2021 में सबसे बड़ी 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी, जबकि जनवरी 2026 में 2 प्रतिशत का ताजा इजाफा किया गया है।
किन लोगों को मिलता है DA का लाभ?
महंगाई भत्ते का फायदा मुख्य रूप से केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलता है। निजी क्षेत्र यानी प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को सामान्य तौर पर DA नहीं दिया जाता। अनुमान के मुताबिक करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और लगभग 65 लाख पेंशनर्स इस बढ़ोतरी से लाभान्वित होते हैं। इनमें रेलवे और सेना से जुड़े कर्मचारी और रिटायर्ड कर्मी भी शामिल हैं। सरकारी कर्मचारियों के कुल 18 अलग-अलग वेतन स्तर होते हैं। इसलिए DA बढ़ने का फायदा हर कर्मचारी को अलग-अलग मिलता है, क्योंकि यह उनकी बेसिक सैलरी पर निर्भर करता है।
पेंशनर्स के लिए कैसे काम करता है DA?
जो लोग केंद्र सरकार से रिटायर होने के बाद पेंशन या फैमिली पेंशन प्राप्त करते हैं, उन्हें भी DA का लाभ मिलता है। जब भी वेतन आयोग वेतन संरचना में बदलाव करता है, उसका असर पेंशन पर भी दिखाई देता है। यानी DA बढ़ने पर पेंशनर्स की मासिक पेंशन भी बढ़ जाती है। हालांकि, अगर कोई पेंशनर दोबारा सरकारी नौकरी में शामिल हो जाता है, तो कुछ मामलों में उसका DA सीमित या बंद किया जा सकता है। आमतौर पर ऐसे मामलों में DA उसकी अंतिम प्राप्त सैलरी के आधार पर तय किया जाता है। वहीं विदेश में रहने वाले और दोबारा नौकरी करने वाले पेंशनर्स के लिए भी DA रोकने का प्रावधान है। लेकिन जो पेंशनर विदेश में रहते हैं और नौकरी नहीं कर रहे हैं, उन पर यह नियम लागू नहीं होता।
8वें वेतन आयोग से बढ़ सकती है पेंशन
केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को अब 8वें वेतन आयोग से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि नए वेतन आयोग में बेसिक पे और फिटमेंट फैक्टर में बदलाव हो सकता है। इसके चलते न्यूनतम पेंशन में बड़ा इजाफा संभव है। फिलहाल न्यूनतम पेंशन 9,000 रुपये है, जो बढ़कर लगभग 22,500 रुपये से 25,200 रुपये तक हो सकती है। हालांकि अंतिम फैसला सरकार और वेतन आयोग की सिफारिशों पर निर्भर करेगा।
क्या DA पर लगता है टैक्स?
महंगाई भत्ता कर्मचारी की कुल सैलरी यानी CTC का हिस्सा माना जाता है। यह हर महीने सैलरी के साथ दिया जाता है। आयकर नियमों के अनुसार DA पूरी तरह टैक्स के दायरे में आता है। यानी कर्मचारी को इस राशि पर भी टैक्स देना होता है। इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरते समय DA की जानकारी अलग से देनी जरूरी होती है। सरकार के अनुसार DA की गणना में अगर 50 पैसे या उससे ज्यादा की राशि बनती है तो उसे अगले पूरे रुपये में जोड़ दिया जाता है, जबकि 50 पैसे से कम राशि को नजरअंदाज कर दिया जाता है।
