Difference between CTC vs Gross Salary vs In-hand Salary: नौकरी शुरू करते समय या ऑफर लेटर मिलने पर सैलरी को लेकर अक्सर तीन शब्द जरूर सुनने को मिलते हैं। ये तीन शब्द हैं CTC, Gross Salary और In-Hand Salary। हालांकि, नौकरी करने वाले या नई नौकरी शुरू करने वाले कई लोगों को इन तीन टर्म्स के बीच का अंतर समझ नहीं आता, जिससे सैलरी को लेकर कन्फ्यूजन हो जाता है। अगर आपको भी सैलरी को लेकर इस तरह का कंफ्यूजन है तो इस आर्टिकल में आपको इन तीन टर्म्स को लेकर ही अंतर बता रहे हैं-
सैलरी की इन तीन टर्म्स को लेकर कहीं आप तो नहीं कंफ्यूज (Photo: iStock)
CTC क्या होता है?
CTC का मतलब Cost to Company होता है। सीटीसी से मतलब है कि कंपनी किसी कर्मचारी पर कुल कितना खर्च कर रही है। इसमें सिर्फ आपकी सैलरी ही नहीं, बल्कि कई दूसरी चीजें भी शामिल होती हैं जैसे बेसिक सैलरी, HRA और दूसरे अलाउंस, ग्रेच्युटी और PF (आपका और कंपनी का योगदान)। यानी CTC वह पूरी राशि है, जो कंपनी आपकी नौकरी पर खर्च करती है, लेकिन यह पूरी रकम आपको हाथ में नहीं मिलती।
Gross Salary क्या होती है?
Gross Salary वह सैलरी होती है, जो CTC में से कुछ हिस्से (जैसे PF का कंपनी वाला हिस्सा, ग्रेच्युटी आदि) निकालने के बाद बचती है। सरल शब्दों में, यह वह राशि है जो आपको मिलने वाली है, हालांकि इसमें टैक्स और कुछ अन्य कटौतियां शामिल नहीं होतीं।
In-Hand Salary क्या होती है?
In-Hand Salary को ही नेट सैलरी कहा जाता है। यह वह रकम होती है, जो असल में हर महीने आपके बैंक अकाउंट में आती है। Gross Salary में से कुछ कटौतियों के बाद In-Hand Salary निकलती है जैसे इनकम टैक्स, आपका PF योगदान और कई दूसरे डिडक्शन। यानी यही वह पैसा है जिसे आप वास्तव में खर्च कर सकते हैं।
तीनों के बीच मुख्य अंतर
- CTC = कंपनी का कुल खर्च
- Gross Salary = टैक्स से पहले की सैलरी
- In-Hand Salary = आपके हाथ में आने वाली असली सैलरी
यह अंतर समझना क्यों जरूरी
पहली बार नौकरी लेने या नौकरी बदलने के दौरान अगली कंपनी में कई लोग CTC देखकर खुश हो जाते हैं, लेकिन बाद में जब In-Hand Salary कम मिलती है, तो उन्हें निराशा होती है। इसलिए नौकरी स्वीकार करने से पहले यह समझना जरूरी है कि आपको हर महीने वास्तव में कितनी सैलरी मिलेगी।
