Crude Oil Price: बीते हफ्ते इजरायली हमलों में OPEC मेंबर देश ईरान की कच्चे तेल की सुविधाएं सुरक्षित रहीं। इसके बाद एशियाई ट्रेड के शुरुआती दौर में कच्चे तेल में 5% से अधिक की गिरावट आई। ब्रेंट गिरकर 73 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 69 डॉलर से नीचे चला गया। इजरायली लड़ाकू विमानों ने शनिवार को ईरान में सैन्य ठिकानों पर हमला किया। बता दें कि इस महीने की शुरुआत में ईरानी मिसाइल हमले के बदला में इजराइल ने ईरान पर हमला किया। हालांकि जानकारों के मुताबिक ये हमला अपेक्षा से अधिक संयमित था।
गिरे तेल के दाम
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ऑयल इंडस्ट्री पर असर नहीं पड़ा
एचटी की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन के अनुरोध पर इजराइल ने इस हमले में तेल, परमाणु और सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना नहीं बनाया। ईरानी सरकारी मीडिया ने कहा कि देश की तेल इंडस्ट्री की एक्टिविटीज सामान्य रूप से काम कर रही हैं। ईरान ने भी फौरन इजराइल को जवाब देने की बात नहीं की।
क्यों गिरे तेल के दाम
मध्य पूर्व में जियोपॉलिटिकल टेंशन, पर्याप्त आपूर्ति और चीन में मांग में कम ग्रोथ के कारण तेल को झटका लगा है। बीते हफ्ते देश की औद्योगिक फर्मों के मुनाफे ने हाल ही में सरकारी प्रोत्साहन के बावजूद दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल आयातक चीन के लिए कमजोर आउटलुक को उजागर किया।
चीन की हालत से और गिरेंगे रेट
माना जा रहा है कि चीन में कमजोर मैक्रोइकोनॉमिक स्थिति फिर से तेल की कीमतों को नीचे धकेल सकती है। उधर शनिवार को इजरायल की जवाबी कार्रवाई को अधिकतर कमजोर और आनुपातिक माना गया। इससे भी तेल सस्ता हुआ।
