US Strikes Iran Impacts Oil Price : पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। एक तरफ जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत के अंतिम दौर का दावा कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ बुधवार को अमेरिका ने ईरान पर नए सैन्य हमले (US Military Strikes) कर दिए। इस ताजा सैन्य कार्रवाई के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में खलबली मच गई है और पिछले सात हफ्तों के निचले स्तर पर चल रही कच्चे तेल की कीमतें (Crude Oil Prices) अचानक 1% तक उछल गई हैं। अमेरिकी तेल भंडारों (US Crude Stocks) में आई भारी गिरावट ने वैश्विक बाजार में सप्लाई के संकट को और गहरा कर दिया है।
क्रूड के दाम उछले
कितनी हुई क्रूड की कीमत?
बुधवार को कच्चे तेल के दोनों प्रमुख वैश्विक बेंचमार्क में अच्छी तेजी देखने को मिली है। ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) करीब 1 फीसदी की तेजी के साथ 93 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड (WTI Crude) क्रूड भी 89 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ गया है। इससे ठीक एक दिन पहले मंगलवार 9 जून केा राष्ट्रपति ट्रंप की अपील के बाद इजरायल और ईरान द्वारा एक-दूसरे पर सीधे हमले रोकने से कीमतें काफी नीचे आ गई थीं, लेकिन अमेरिका के नए एक्शन ने पूरा खेल पलट दिया है।
क्यों भड़की चिंगारी?
इस ताजा तनाव की शुरुआत तब हुई जब ईरान ने अमेरिका के एक अपाचे (Apache) अटैक हेलीकॉप्टर को मार गिराया। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस हमले का कड़ा जवाब देगा। ट्रंप के इस बयान के चंद घंटे बाद ही अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल ठिकानों और रडार प्रणालियों को निशाना बनाकर एयरस्ट्राइक कर दी। इस जवाबी कार्रवाई से वाशिंगटन और तेहरान के बीच चल रहा बेहद नाजुक युद्धविराम (Fragile Ceasefire) अब पूरी तरह टूटने की कगार पर पहुंच गया है।
होर्मुज में गतिरोध जारी
दोनों देशों के बीच जारी तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट में अब भी शिपमेंट ब्लॉक है। इसकी वजह से ग्लोबल ऑयल सप्लाई तंग चल रही है। अमेरिका ने भी होर्मुज से निकलने वाले ईरानी जहाजों की नाकेबंदी जारी रखी है। हालांकि, अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट (Chris Wright) का कहना है कि दोनों देशों के बीच युद्ध खत्म करने को लेकर चल रही बातचीत के बीच खाड़ी में जहाजों की आवाजाही और तेल का निर्यात 'सकारात्मक रूप से बढ़' रहा है, लेकिन सामान्य स्थिति बहाल होने में अभी कई महीने लग सकते हैं।
अमेरिका में तेल का भंडार खाली
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप कई बार यह दावा कर चुके हैं कि होर्मुज बंद होने की वजह से अमेरिका को खास फर्क नहीं पड़ता। लेकिन, क्रूड सप्लाई के लिहाज से बात करें तो अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट (API) के ताजा आंकड़ों ने बाजार में डर बढ़ा दिया है। क्योंकि, अमेरिकी कच्चे तेल के स्टॉक में पिछले हफ्ते लगातार आठवें सप्ताह भारी गिरावट दर्ज की गई है। 5 जून को खत्म हुए सप्ताह में अमेरिका का क्रूड स्टॉक 91.2 लाख बैरल घट गया, जबकि गैसोलीन के स्टॉक में भी 11.9 लाख बैरल की गिरावट आई है।
