रूस से कच्चे तेल का आयात 5 महीने के निचले स्तर पर! फिर किस देश से बढ़ा Oil Import?

वैश्विक संकट के बीच रूस से भारत ने रिकॉर्ड तेल की खरीदारी की है। हालांकि, अब इसमें बड़ी गिरावट आ गई है। रूस से कच्चे तेल का आयात पांच महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है।

भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है। ईरान युद्ध शुरू होने और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के बाद भारत ने रूस से कच्चे तेल का रिकॉर्ड आयात किया लेकिन अब इसमें गिरावट आ रही है। रूस से कच्चे तेल का आयात 5 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है। जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने वाले आंकड़ों के अनुसार भारतीय रिफाइनरी कंपनियों द्वारा अपनी खरीद में विविधता लाने के कारण सितंबर में रूस से कच्चे तेल का आयात घटकर लगभग 17.5 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया, जो अप्रैल के बाद का सबसे निचला स्तर है। हालांकि, इस दौरान देश का कुल कच्चा तेल आयात तेजी से बढ़ा है।

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कच्चा तेल

कच्चे तेल के आयात में बढ़ोतरी

वैश्विक जिंस आंकड़ा और विश्लेषण फर्म केपलर के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में भारत का कुल कच्चा तेल आयात औसतन करीब 53 लाख बैरल प्रतिदिन (बीपीडी) रहा। यह अगस्त की तुलना में लगभग छह लाख बैरल प्रतिदिन और एक साल पहले की समान अवधि से सात लाख बैरल प्रतिदिन अधिक है। भारत ने सितंबर में औसतन 17.4 लाख बैरल प्रतिदिन रूसी कच्चे तेल का आयात किया। यह आयात अप्रैल के 15.8 लाख बैरल प्रतिदिन के बाद सबसे कम है। इसकी तुलना में भारत ने अगस्त में रूस से 20.2 लाख बैरल प्रतिदिन और जुलाई में 26.5 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चे तेल का आयात किया था।

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