पुराने रेट पर आया कच्चा तेल का भाव, क्या अब देश में सस्ते होंगे पेट्रोल-डीजल और गैस?

अमेरिका और ईरान के बीच 19 जून को युद्ध खत्म करने और होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने पर समझौता होने जा रहा है। इससे कच्चे तेल की कीमत 78 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है। क्या कच्चा तेल सस्ता होने से भारत में पेट्रोल, डीजल और LPG भी सस्ते होंगे?

ग्लोबल बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) के बाजार से आम जनता और अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर आ रही है। पिछले काफी समय से ईरान अमेरिका वॉर के कारण आसमान छू रही कच्चे तेल की कीमतें अब तेजी से नीचे गिर चुकी हैं। हालत यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल लगातार गिरावट दर्ज करते हुए एक बार फिर युद्ध से पहले वाले पुराने दौर के रेट पर लौट आया है। एनर्जी मार्केट के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिकी क्रूड यानी WTI क्रूड का भाव गिरकर करीब 75.31 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया है, वहीं वैश्विक मानक माना जाने वाला ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) भी 80 डॉलर के स्तर से काफी नीचे फिसलकर 78.20 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है।

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इस भारी गिरावट का सीधा असर भारतीय क्रूड बास्केट (Indian Crude Basket ICB) पर भी दिखने लगा है। वित्तीय वर्ष 2026-2027 की शुरुआत में कच्चे तेल की कीमतें काफी ऊंचाई पर थीं। अप्रैल 2026 में इंडियन क्रूड बास्केट का औसत भाव 114.48 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था, जो मई में थोड़ा घटकर 106.23 डॉलर और जून में 92.16 डॉलर प्रति बैरल पर आया। लेकिन ताजा अपडेट के अनुसार, 16 जून 2026 को इंडियन बास्केट ऑफ क्रूड ऑयल की कीमत भारी गिरावट के साथ महज 78.66 डॉलर प्रति बैरल रह गई है। ईरान युद्ध और तनाव की शुरुआत होने से पहले भारत के लिए कच्चे तेल का जो रेट 75 से 76 डॉलर के दायरे में था, बाजार अब लगभग घूमकर उसी पुराने पायदान पर वापस आ खड़ा हुआ है।

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