सोने से नफरत करता है यह देश! अगर दिखा दिया गोल्ड तो बुरा मान जाते हैं लोग; जानें इसके पीछे की हैरान करने वाली वजह

भारत में जहां सोने को शान माना जाता है, वहीं दुनिया में एक ऐसा देश भी है जहां गोल्ड दिखाना अपमान समझा जाता है। सदियों पुराने 'लॉ ऑफ जांटे' के कारण यहां अमीरी का दिखावा करना सामाजिक रूप से बेहद गलत है।

दुनियाभर में, और खासकर भारत में, सोने (Gold) और हीरों को अमीरी, प्रतिष्ठा और सफलता का प्रतीक माना जाता है। हमारे यहां जिसके पास जितना सोना होता है, समाज में उसे उतना ही ऊंचा स्थान और सम्मान दिया जाता है। लेकिन क्या आप सोच सकते हैं कि इस दुनिया में एक ऐसा कोना भी है जहां सोना पहनना या अपनी दौलत का दिखावा करना लोगों को गहरी ठेस पहुंचा सकता है? जी हां, स्कैंडिनेवियाई देशों (जैसे स्वीडन, नॉर्वे और डेनमार्क) में एक ऐसा अनोखा सामाजिक ताना-बाना है, यहां यदि आपने किसी के सामने अपनी महंगी गोल्ड ज्वेलरी या हीरों का प्रदर्शन किया, तो लोग आपसे प्रभावित होने के बजाय नाराज और नाराज हो जाते हैं।

Gold

'लॉ ऑफ जांटे' (Law of Jante) की अनोखी परंपरा

इस अजीब और हैरान करने वाली सोच के पीछे कोई सरकारी कानून नहीं, बल्कि सदियों पुरानी एक सामाजिक व्यवस्था है, जिसे 'लॉ ऑफ जांटे' (Janteloven) कहा जाता है। इस अलिखित नियम की शुरुआत 1933 में एक लेखक एक्सेल सैंडेमॉस की किताब से हुई थी, जिसने वहां के समाज पर इतनी गहरी छाप छोड़ी कि यह जीवन जीने का एक तरीका बन गया। इस नियम का सीधा और सरल सिद्धांत यह है कि "आप खुद को दूसरों से बेहतर या खास नहीं समझ सकते।" इस संस्कृति में सभी को एक समान माना जाता है, चाहे कोई अरबपति हो या एक साधारण नौकरीपेशा व्यक्ति।

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