Loan To Corporate Sector: रिजर्व बैंक (RBI) ने कहा है कि निजी कॉरपोरेट क्षेत्र को बैंकों द्वारा दिया जाने वाला लोन सितंबर में 14.9 प्रतिशत की दर से बढ़ा जबकि साल भर पहले के समान महीने में यह 14.7 प्रतिशत बढ़ा था। केंद्रीय बैंक ने बैंकिंग एक्टिविटीज को लेकर आंकड़ा जारी करते हुए यह जानकारी दी। इन आकंड़ों के मुताबिक, 6-8 प्रतिशत ब्याज दर वाली टर्म डिपॉजिट की हिस्सेदारी मार्च 2022 के 12.5 प्रतिशत के मुकाबले सितंबर, 2023 में बढ़कर 78.6 प्रतिशत हो गई।
कॉर्पोरेट सेक्टर को मिलने वाला लोन
कुल बैंक लोन का 25 फीसदी
आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर के अंत में इंडस्ट्री को दिया गया लोन कुल बैंक लोन का लगभग एक-चौथाई या 25 फीसदी रहा। उद्योगों को दिए जाने वाले बैंक लोन में सितंबर में सालाना आधार पर 8.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई। सितंबर, 2022 में इसकी वृद्धि दर 12.3 प्रतिशत थी।
आरबीआई ने कहा है कि सितंबर में निजी कॉरपोरेट सेक्टर को मिले बैंक लोन में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई और यह बढ़कर 14.9 प्रतिशत हो गई। एक तिमाही पहले यह 11.5 प्रतिशत और एक साल पहले 14.7 प्रतिशत थी।
पर्सनल लोन की हिस्सेदारी
बैंक लोन में पर्सनल लोन की हिस्सेदारी पांच साल पहले के 22 प्रतिशत से बढ़कर 30 प्रतिशत से अधिक हो गई है। कुल बैंक लोन के साथ-साथ इंडिविजुअल्स को दिए गए लोन में महिला कर्जदारों की हिस्सेदारी भी बढ़ रही है। पब्लिक सेक्टर के बैंकों की तुलना में निजी बैंकों द्वारा दिए जाने वाले लोन में ग्रोथ अधिक तेज दिख रही है।
सितंबर के अंत में बैंकों में जमा पर जारी आंकड़ों से पता चलता है कि बढ़ती ब्याज दरों के कारण अधिक रिटर्न वाली जमा की ओर लोगों का झुकाव अधिक बढ़ा है। आरबीआई ने कहा कि हाई रिटर्न के कारण टर्म डिपॉजिट में वृद्धि हुई। कुल जमा में टर्म डिपॉजिट की हिस्सेदारी सितंबर 2023 में लगभग 60 प्रतिशत हो गई जबकि मार्च 2023 में यह 57 प्रतिशत थी।
