India’s First Water Metro : आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोच्चि में भारत की पहली वाटर मेट्रो लॉन्च करेंगे। ये भारत की पहली वाटर मेट्रो होने के साथ-साथ एशिया में इस साइज और आकार का पहला इंटीग्रेटेड वाटर ट्रांसपोर्ट सिस्टम भी है। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के मुताबिक कोच्चि वाटर मेट्रो (केडब्लूएम) राज्य में वाटर ट्रांसपोर्ट सेक्टर में एक बड़ा रेवोल्यूशन लाएगी और राज्य के पर्यटन को बढ़ावा देगी।
भारत की पहली वाटर मेट्रो
40 और शहरों में हो सकती है लॉन्च
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने टाइम्स ऑफ इंडिया में एक लेख लिखा है, जिसके मुताबिक इस एंवायरमेंट-फ्रेंड्ली वाटर ट्रांसपोर्ट सिस्टम को कोच्चि के बाद 40 और शहरों में शुरू किया जा सकता है। केडब्लूएम कोच्चि और उसके आस-पास 10 आइलैंड को कनेक्ट करेगी। बता दें कि इस पर 78 इलेक्ट्रिक बोट्स और 38 टर्मिनल हैं।
किसने बनाई है वाटर मेट्रो
कोच्चि वाटर मेट्रो को कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने मैन्युफैक्चर किया है। कोचीन शिपयार्ड को 1972 में शुरू किया गया था। कंपनी पिछले तीन दशकों में जहाज मैन्युफैक्चरिंग और जहाजों की मरम्मत करने के मामले में काफी प्रमुख नाम बनकर उभरी है।
जानिए कंपनी की बाकी खासियतें
- कोचीन शिपयार्ड ने 2500 शिप रिपेयर प्रोजेक्ट किए हैं पूरे
- आईएनएस विराट और आईएनएस विक्रमादित्य की कई बार की है मरम्मत
- रक्षा और कमर्शियल सेक्टर के प्रोडेक्ट किए हैं कंप्लीट
- ISO 9001 सर्टिफाइड कंपनी है कोचीन शिपयार्ड
- मिनी रत्न और PSU कंपनी है कोचीन शिपयार्ड
- कोचीन शिपयार्ड पहली ग्रीनफील्ड है
- हाई क्वालिटी वाले जहाजों का निर्माण करती है
कितना आया खर्च
केडब्लूएम को 1136.83 करोड़ रु की लागत से तैयार किया गया है। इसके लिए फंडिंग केरल सरकार और केडब्लूएफ डेवलपमेंट बैंक ने की है। इस अनोखे ट्रांसपोर्ट सिस्टम का मुख्य उद्देश्य केरल में दस द्वीपों को मुख्य भूमि से जोड़ना है, जिसके नतीजे में सफर में कम लगेगा और ये एक अधिक कॉस्ट-इफेक्टिव ट्रांसपोर्टेशन होगा।
1 लाख यात्रियों को ले जाने की क्षमता
कोच्चि वाटर मेट्रो में एक खास इंफ्रास्ट्रक्चर है और इसमें एक लाख से अधिक यात्रियों को ले जाने की क्षमता है। प्रोजेक्ट डिटेल के अनुसार, कोच्चि वाटर मेट्रो के शुरुआती फेज में 34,000 से अधिक यात्रियों को ले जाने की उम्मीद है।
मेट्रो सिस्टम के पूरा होने पर, यह संख्या तेजी से बढ़ने की उम्मीद की जा रही है, जो प्रतिदिन 1.5 लाख यात्रियों तक पहुँच सकती है।
