Coal India Q4 Results: कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) ने 2 मई को 31 मार्च 2024 को समाप्त चौथी तिमाही के लिए समेकित नेट प्रॉफिट में 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 8640.5 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की। सरकारी कंपनी ने एक साल पहले की अवधि में 6869.5 करोड़ रुपए का नेट प्रॉफिट हासिल किया था। समीक्षाधीन तिमाही में परिचालन से राजस्व करीब 2 प्रतिशत गिरकर 37410.4 करोड़ रुपए होने के बावजूद सीआईएल की आय में वृद्धि हुई, जो पिछले साल की समान तिमाही में 38152.3 करोड़ रुपए थी।
कोल इंडिया की चौथी तिमाही के नतीजे घोषित (तस्वीर-Canva)
इसके अलावा सीआईएल की समेकित बिक्री भी जनवरी-मार्च अवधि में गिरकर 39654.4 करोड़ रुपए हो गई, जो पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में 40371.5 रुपए थी, जो 1.8 प्रतिशत की कमी है। राज्य के स्वामित्व वाली कंपनी ने यह भी कहा कि बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 5 रुपए प्रति शेयर पर अपना तीसरा अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है।
मनी कंट्रोल के मुताबिक 11 ब्रोकरेज के सर्वसम्मति अनुमान के मुताबिक Q4FY24 के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) का राजस्व 8.7 प्रतिशत बढ़कर 38,152 करोड़ रुपए होने की उम्मीद है, जबकि Q4FY23 में यह 35,092 करोड़ रुपए था। दूसरी ओर Q4FY23 में 5533 करोड़ रुपए से 27 प्रतिशत बढ़कर 7617 करोड़ रुपए होने की उम्मीद है, लेकिन QoQ आधार पर गिरावट की उम्मीद है।
कोल इंडिया अपने राजस्व के संबंध में विश्लेषकों की उम्मीदों से थोड़ा चूक गई लेकिन जनवरी-मार्च तिमाही में अपने मुनाफे के मामले में उम्मीदों से आगे निकल गई। 2 मई को बीएसई पर कोल इंडिया के शेयर 0.5 फीसदी की गिरावट के साथ 452 रुपए पर बंद हुए। देश के कुल कोयला उत्पादन में कोल इंडिया लिमिटेड की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत से भी अधिक है।
