Closing Bell Sensex Nifty Today : शेयर बाजार ने गुरुवार को जोरदार शुरुआत की और कारोबार के दौरान Sensex 77,300 के ऊपर पहुंच गया। लेकिन, आखिरी घंटे में अचानक बिकवाली बढ़ने से बड़ी तेजी सिमट गई। इसके बावजूद बाजार हरे निशान में बंद हुआ। आखिर निवेशकों ने मुनाफावसूली क्यों की और आगे किन स्तरों पर नजर रहेगी?
बाजार तेजी में बंद
बाजार ने क्यों गंवाई रफ्तार?
गुरुवार के कारोबार में भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की। सेंसेक्स एक समय 77,326.65 तक पहुंच गया, जबकि Nifty 24,134.70 के इंट्राडे हाई पर कारोबार करता दिखा। हालांकि दिन के अंतिम घंटे में तेज मुनाफावसूली शुरू हो गई, जिससे अधिकांश बढ़त कम हो गई। अंत में सेंसेक्स 238.22 अंक यानी 0.31% बढ़कर 76,741.82 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 80.75 अंक यानी 0.34% चढ़कर 23,962.80 पर बंद हुआ।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने दिखाया दम
भले ही प्रमुख सूचकांकों की बढ़त सीमित रह गई, लेकिन व्यापक बाजार में खरीदारी मजबूत रही। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.80%, निफ्टी मिडकैप 100 में 1.38% और निफ्टी 500 में 0.76% की तेजी दर्ज की गई। रियल्टी, मीडिया, पीएसयू बैंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और हेल्थकेयर सेक्टर में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। दूसरी ओर आईटी और ऑटो शेयरों में हल्की कमजोरी रही। भारत वीआईएक्स करीब 9% टूटकर 13.36 पर आ गया, जो बाजार में घबराहट कम होने का संकेत देता है।
आखिरी घंटे में बिकवाली की तीन बड़ी वजह
- दिनभर की तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। लगातार बढ़त के बाद कई ट्रेडर्स ने ऊंचे स्तर पर अपने सौदे काटे, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया।
- दूसरी वजह पश्चिम एशिया का तनाव रहा। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने कच्चे तेल (Crude Oil) की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी। ब्रेंट क्रूड 78 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना रहा। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ी अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क कर दिया।
- तीसरी वजह तकनीकी स्तर रहे। विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी को मजबूत तेजी के लिए अहम रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर टिकना होगा। ऊपरी स्तरों पर टिक नहीं पाने के कारण कारोबार के अंतिम घंटे में बिकवाली तेज हो गई।
विदेशी बाजारों से मिले-जुले संकेत
एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई और चीन का शंघाई सूचकांक मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट में रहा। यूरोपीय बाजारों में भी मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। अमेरिकी वायदा बाजार सपाट से हल्के कमजोर रुख में कारोबार करते दिखे। ऐसे वैश्विक संकेतों ने भी भारतीय बाजार में ऊंचे स्तर पर सतर्कता बढ़ा दी।
अब निवेशकों की नजर किस पर रहेगी?
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार की दिशा अब वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों के रुख पर निर्भर करेगी। यदि पश्चिम एशिया का तनाव और बढ़ता है तो बाजार में उतार-चढ़ाव तेज हो सकता है। वहीं, अगर कच्चे तेल में राहत मिलती है और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है तो बाजार दोबारा नई ऊंचाई की ओर बढ़ सकता है। फिलहाल आखिरी घंटे की बिकवाली ने यह साफ कर दिया है कि ऊंचे स्तरों पर निवेशक अब भी सतर्क हैं।
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