Share Market Closing Bell Today 27 March: शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली और दिनभर दबाव में रहने के बाद इंडेक्स भारी गिरावट के साथ बंद हुए। NIFTY 486.85 अंक यानी 2.09% टूटकर 22,819.60 पर बंद हुआ, जो दिन के निचले स्तर के करीब रहा। वहीं, Sensex 1,690.23 अंक यानी 2.25% की बड़ी गिरावट के साथ 73,583.22 पर बंद हुआ। सेंसेक्स ने इंट्राडे में 73,534 तक का लो छुआ, जो दिनभर बनी बिकवाली का संकेत देता है। डे लो के पास क्लोजिंग और 2% से ज्यादा की गिरावट यह दर्शाती है कि बाजार में फिलहाल सेलर्स का दबदबा बना हुआ है। ग्लोबल कमजोरी, ऊंचा VIX और सेक्टोरल गिरावट ने मिलकर बाजार को दिनभर दबाव में रखा।
बाजार मे तबाही का सिलसिला जारी
| इंडेक्स | क्लोजिंग लेवल | बदलाव (अंक) | बदलाव (%) | ओपन | हाई | लो | पिछला बंद |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| NIFTY 50 | 22,819.60 | -486.85 | -2.09% | 23,173.55 | 23,186.10 | 22,804.55 | 23,306.45 |
| BSE Sensex | 73,583.22 | -1,690.23 | -2.25% | 74,883.79 | 74,904.91 | 73,534.41 | 75,273.45 |
ओपनिंग से क्लोजिंग तक लगातार दबाव
बाजार ने पहले ही गैप-डाउन शुरुआत की थी, लेकिन पूरे दिन रिकवरी नहीं दिखी। निफ्टी 23,186 के हाई से फिसलकर सीधे 22,800 के करीब आ गया, जबकि सेंसेक्स भी ओपन के बाद लगातार नीचे फिसलता गया। बाजार की चौड़ाई भी बेहद खराब रही, जहां NIFTY 50 में सिर्फ 6 शेयर चढ़े जबकि 44 में गिरावट दर्ज हुई। यह साफ संकेत है कि बिकवाली पूरे बाजार में फैली हुई थी।
मार्केट कैप में बड़ी गिरावट
शुक्रवार को बाजार में हुई व्यापक बिकवाली के चलते 8 लाख करोड़ से ज्यादा का झटका लगा है। बुधवार को आखिरी कारोबारी सत्र की क्लोजिंग के वक्त भारतीय बाजार में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 43,053,317.41 करोड़ रुपये था, जो शुक्रवार को घटकर 4,22,15,193.59 करोड़ रुपये रह गया। इस तरह एक दिन में मार्केट कैप में 8,38,123.82 करोड़ की कमी आई है।
क्यों आई गिरावट?
बाजार में आई तेज गिरावट के पीछे कई बड़े फैक्टर एक साथ काम करते दिखे, जिससे सेंटीमेंट कमजोर हुआ और बिकवाली हावी हो गई। कुल मिलाकर बाजार की गिरावट किसी एक वजह से नहीं बल्कि कई फैक्टर्स के कॉम्बिनेशन से आई है। प्रॉफिट बुकिंग, ग्लोबल तनाव, महंगा क्रूड, कमजोर रुपया और बढ़ता VIX मिलकर बाजार पर दबाव बना रहे हैं, जिससे निकट भविष्य में वोलैटिलिटी बनी रह सकती है।
- कच्चे तेल की ऊंची कीमत : ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर के ऊपर बना हुआ है, जिसने बाजार की चिंता बढ़ा दी है। तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर महंगाई और भारत जैसे आयातक देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। यही वजह है कि बाजार में दबाव बढ़ा।
- ग्लोबल संकेत और जियोपॉलिटिकल टेंशन : अमेरिका-ईरान तनाव और मिडिल ईस्ट में अनिश्चितता ने ग्लोबल बाजारों को झटका दिया। US बाजार करीब 2% टूटे और एशियाई बाजारों में भी गिरावट आई। इसके साथ ही खबरें आईं कि अमेरिका मिडिल ईस्ट में और सैनिक भेज सकता है, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई। यह बाजार की गिरावट का सबसे बड़ा कारण है।
- मुनाफावसूली ने बढ़ाया दबाव: के मुताबिक पिछले दो सत्रों में करीब 3.5% की तेज रैली के बाद बाजार में भारी प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली। ज्यादातर सेक्टर लाल निशान में चले गए और मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में करीब 1.7% तक की गिरावट आई। यानी निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर मुनाफा काटना शुरू कर दिया।
- रुपये में कमजोरी : रुपया 94.7 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड लो के पास पहुंच गया है। कमजोर रुपया विदेशी निवेशकों के लिए जोखिम बढ़ाता है और कैपिटल आउटफ्लो का डर पैदा करता है। इससे बाजार में बिकवाली का दबाव और बढ़ा।
- बैंकिंग और PSU सेक्टर में गिरावट : सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग सेक्टर पर रहा, खासकर PSU बैंक इंडेक्स में 2% से ज्यादा गिरावट आई। बड़े बैंकिंंग शेयर जैसे HDFC Bank और ICICI Bank में गिरावट ने इंडेक्स को नीचे खींचा।
- बढ़ता VIX यानी डर का संकेत : India VIX 26 के पार पहुंच गया है, जो हाई वोलैटिलिटी और डर का संकेत है। आमतौर पर 25+ VIX यह बताता है कि बाजार में तेज उतार-चढ़ाव और बिकवाली जारी रह सकती है।
ब्रॉड मार्केट में मची मारकाट
NIFTY 100, NIFTY 200 और NIFTY 500 में करीब 2% तक की गिरावट के साथ ब्रॉड मार्केट में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी 1.7% से 2.2% तक टूट गए, जिससे साफ है कि गिरावट सिर्फ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही बल्कि पूरे बाजार में फैली। लार्जकैप से लेकर माइक्रोकैप तक हर सेगमेंट में दबाव दिखा, जो कमजोर सेंटिमेंट और आक्रामक सेलिंग का संकेत देता है।
| इंडेक्स | क्लोजिंग लेवल | बदलाव (%) | ओपन | हाई | लो | पिछला बंद |
|---|---|---|---|---|---|---|
| NIFTY 100 | 23,400.05 | -2.15% | 23,782.95 | 23,792.85 | 23,385.25 | 23,915.15 |
| NIFTY 200 | 12,789.20 | -2.17% | 12,999.10 | 13,003.90 | 12,782.15 | 13,072.60 |
| NIFTY 500 | 21,020.15 | -2.13% | 21,357.35 | 21,364.35 | 21,007.15 | 21,478.20 |
| NIFTY MIDCAP 100 | 54,097.80 | -2.23% | 54,997.35 | 55,014.40 | 53,991.55 | 55,331.05 |
| NIFTY SMALLCAP 100 | 15,620.00 | -1.74% | 15,796.40 | 15,801.50 | 15,574.90 | 15,896.55 |
| NIFTY MIDSMALLCAP 400 | 17,988.25 | -2.08% | 18,263.05 | 18,266.80 | 17,962.95 | 18,370.75 |
सेक्टोरल मार्केट में भी तबाही
सेक्टोरल इंडेक्स में भी भारी दबाव देखने को मिला, जहां NIFTY PSU BANK करीब 4% टूटकर सबसे बड़ा लूजर बना। NIFTY BANK, NIFTY FINANCIAL SERVICES और NIFTY AUTO में 2.5% से ज्यादा गिरावट दर्ज हुई। रियल्टी और कंज्यूमर सेक्टर भी 3% तक लुढ़के, जबकि NIFTY IT में भी हल्की कमजोरी रही। यह दर्शाता है कि बाजार में सेक्टर-वाइड सेलिंग हुई और निवेशकों ने जोखिम वाले सेगमेंट से दूरी बनाई।
| सेक्टर | क्लोजिंग लेवल | बदलाव (%) | ओपन | हाई | लो | पिछला बंद |
|---|---|---|---|---|---|---|
| NIFTY BANK | 52,274.60 | -2.67% | 53,244.25 | 53,292.50 | 52,211.20 | 53,708.10 |
| NIFTY FINANCIAL SERVICES | 24,373.20 | -2.73% | 24,856.15 | 24,888.35 | 24,335.90 | 25,056.35 |
| NIFTY AUTO | 24,351.95 | -2.82% | 24,834.25 | 24,847.70 | 24,301.40 | 25,058.60 |
| NIFTY PSU BANK | 8,249.45 | -3.86% | 8,499.95 | 8,508.05 | 8,233.10 | 8,581.05 |
| NIFTY PRIVATE BANK | 24,986.70 | -2.01% | 25,296.15 | 25,325.65 | 24,953.65 | 25,498.75 |
| NIFTY REALTY | 670.15 | -3.17% | 684.20 | 686.95 | 667.65 | 692.10 |
| NIFTY METAL | 11,161.65 | -1.59% | 11,224.50 | 11,292.85 | 11,148.30 | 11,342.20 |
| NIFTY FMCG | 46,427.20 | -1.81% | 47,080.55 | 47,112.95 | 46,346.80 | 47,283.35 |
| NIFTY IT | 29,541.65 | -0.44% | 29,721.00 | 30,029.55 | 29,461.20 | 29,671.30 |
