Disinvestment Plan FY27: केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए डिसइन्वेस्टमेंट का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। Et Now की रिपोर्ट के मुताबिक FY27 के लिए केंद्र सरकार ने ₹80,000 करोड़ का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत 5-6 सरकारी कंपनियों और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में सरकार अपनी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया जा रहा है जब IDBI बैंक के विनिवेश में देरी के बाद सरकार अपनी रणनीति को फिर से संतुलित कर रही है।
सरकार जुटाएगी 80 हजार करोड़
DIPAM की नई रणनीति, OFS पर जोर
रिपोर्ट में बताया गया है कि डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) ने FY27 के लिए अपनी रणनीति को रीवर्क किया है। छोटी हिस्सेदारी बिक्री के लिए OFS यानी ऑफर फॉर सेल रूट को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे बाजार में लिक्विडिटी बनी रहती है और निवेशकों की भागीदारी आसान होती है। इसके साथ ही सरकार OFS इश्यू के बीच पर्याप्त गैप रखेगी, ताकि हर इश्यू को बेहतर रिस्पॉन्स मिल सके।
किन सेक्टरों पर रहेगा फोकस
सरकार का फोकस उन सेक्टरों पर है जहां निवेशकों की रुचि बनी रहती है। पावर, इंफ्रास्ट्रक्चर और शिपिंग सेक्टर की कंपनियां OFS के लिए संभावित उम्मीदवार मानी जा रही हैं। इसके अलावा PSB में हिस्सेदारी बिक्री के जरिए न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) मानकों को पूरा करने की भी योजना है। यह रणनीति केवल फंड जुटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि बेहतर कॉर्पोरेट गवर्नेंस और मार्केट डिसिप्लिन लाने पर भी जोर देती है।
वैल्यूएशन और टाइमिंग पर खास ध्यान
सरकार इस बार हिस्सेदारी बिक्री में जल्दबाजी नहीं करेगी। फेयर वैल्यूएशन और बाजार की स्थिति को ध्यान में रखते हुए OFS का टाइम तय किया जाएगा। यानी जब बाजार में डिमांड मजबूत होगी, तभी इश्यू लाया जाएगा, जिससे बेहतर प्राइस रियलाइजेशन संभव हो सके।
एसेट मोनेटाइजेशन पर फोकस
डिसइन्वेस्टमेंट रणनीति का मुख्य उद्देश्य केवल राजस्व जुटाना नहीं, बल्कि वैल्यू क्रिएशन और एसेट मोनेटाइजेशन को बढ़ावा देना है। सरकार PSU लिस्टिंग, हिस्सेदारी बिक्री और बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी के जरिए इन कंपनियों की वैल्यू बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। FY27 के लिए सरकार का डिसइन्वेस्टमेंट प्लान ज्यादा संतुलित और रणनीतिक नजर आ रहा है। OFS पर फोकस, सेक्टर-विशिष्ट अप्रोच और वैल्यूएशन पर जोर यह संकेत देता है कि सरकार अब मात्रा के बजाय गुणवत्ता पर ज्यादा ध्यान दे रही है।
