Wedding Gift Tax Rules: शादी के गिफ्ट्स भी आ सकते हैं इनकम टैक्स की रडार पर; जानें कितना कैश और सोना है पूरी तरह टैक्स फ्री

भारत में शादी के दौरान दूल्हा-दुल्हन को मिलने वाले उपहारों पर इनकम टैक्स के खास नियम लागू होते हैं। हालांकि 'शगुन' के तौर पर मिलने वाला कैश और सोना काफी हद तक टैक्स फ्री है, लेकिन रिश्तेदारों और दोस्तों से मिले महंगे गिफ्ट्स पर आयकर विभाग की पैनी नजर रहती है।

भारत में शादियाँ केवल दो परिवारों का मिलन नहीं, बल्कि एक भव्य उत्सव होती हैं, जहां मेहमान दिल खोलकर उपहार और 'शगुन' देते हैं। अक्सर लोग सोचते हैं कि शादी में मिला पैसा या सोना पूरी तरह उनका है और उस पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। लेकिन इनकम टैक्स एक्ट के नियम कुछ और ही कहते हैं। अगर आप भी हाल ही में शादी के बंधन में बंधे हैं या घर में शादी होने वाली है, तो आपको यह जान लेना चाहिए कि आयकर विभाग (Income Tax Department) की नजर आपके 'शगुन के लिफाफों' पर भी हो सकती है। सही जानकारी न होने पर आपको भारी टैक्स और नोटिस का सामना करना पड़ सकता है।

Wedding Gift

शादी के उपहारों पर टैक्स का मूल नियम

आम तौर पर, इनकम टैक्स के 'सेक्शन 56(2)' के तहत अगर आपको एक साल में कुल 50,000 रुपये से अधिक के उपहार मिलते हैं, तो उस पर टैक्स देना होता है। लेकिन भारतीय परंपरा को देखते हुए, आयकर विभाग ने 'शादी के अवसर' पर एक बड़ी छूट दी है। शादी के दिन या उसके आस-पास (विवाह समारोह के दौरान) दूल्हा और दुल्हन को मिलने वाले सभी उपहारों पर कोई टैक्स नहीं लगता है, चाहे उनकी कीमत कितनी भी क्यों न हो। लेकिन, इसमें भी कुछ 'पेच' हैं जिन्हें समझना जरूरी है।

End of Feed