Anil Ambani: अनिल अंबानी को लोन मामले में बड़ी राहत मिली है। पीटीआई के मुताबिक केनरा बैंक ने मुंबई हाई कोर्ट को बताया कि उसने उद्योगपति अनिल अंबानी के लोन खाते को ‘‘धोखाधड़ी वाला खाता’’ घोषित करने का अपना आदेश वापस ले लिया है। यह विवाद नवंबर 2024 में शुरू हुआ जब कैनरा बैंक ने अनिल अंबानी द्वारा प्रमोट की गई कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस के लोन खाते को फ्रॉड घोषित किया था। अंबानी ने इस कदम को बंबई हाई कोर्ट में चुनौती दी, यह कहते हुए कि बैंक ने इतनी गंभीर कार्रवाई करने से पहले उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया। इसके पहले, 2 जून को, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने भी अनिल अंबानी की दिवालिया टेलिकॉम कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस के लोन खाते को ‘फ्रॉड’ घोषित किया था।
अनिल अंबानी (तस्वीर-x)
कैनरा बैंक ने गुरुवार को बंबई हाई कोर्ट को सूचित किया कि उसने उद्योगपति अनिल अंबानी से जुड़ी कंपनी के लोन खाते को 'फ्रॉड' घोषित करने का अपना आदेश वापस ले लिया है। बैंक की इस घोषणा के बाद, न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और नीला गोखले ने अंबानी द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया, यह कहते हुए कि अब याचिका में कोई मामला नहीं बचा है। कोर्ट ने कहा कि यह वापसी का आदेश रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को भी सूचित किया जाएगा। विवादित लोन खाता अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस का है, जो दिवालियापन प्रक्रिया से गुजर रही है।
8 नवंबर 2024 को बैंक ने इस लोन खाते को फ्रॉड घोषित किया था, क्योंकि 2017 में दिया गया 1,050 करोड़ रुपये का लोन समूह की एक कंपनी को भेजा गया था, जिससे वह अन्य संबंधित पक्षों की देनदारियों का भुगतान कर सके। यह आदेश RBI की फ्रॉड खातों से संबंधित मास्टर सर्कुलर के आधार पर जारी किया गया था।
इस साल फरवरी में हाई कोर्ट ने इस आदेश को सुनवाई तक स्थगित कर दिया था। उस समय कोर्ट ने सवाल उठाया था कि क्या RBI उन बैंकों के खिलाफ कार्रवाई करेगा जो बार-बार मास्टर सर्कुलर और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन कर रहे हैं, जिसमें कहा गया है कि उधारकर्ताओं को फ्रॉड घोषित करने से पहले सुनवाई का मौका दिया जाना चाहिए।
अंबानी ने कैनरा बैंक के आदेश को चुनौती दी थी, यह दावा करते हुए कि उन्हें लोन खाते को फ्रॉड घोषित करने से पहले कोई सुनवाई नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि फ्रॉड की घोषणा 8 नवंबर 2024 को की गई थी, लेकिन यह जानकारी उन्हें 25 दिसंबर को मिली, जबकि उस समय हाई कोर्ट ने एक संबंधित मामले में इसी प्रकार की घोषणा को पहले ही रोक दिया था। अंबानी ने यह भी दावा किया कि कैनरा बैंक ने RBI को फ्रॉड की सूचना 6 सितंबर 2024 को दे दी थी, जबकि आधिकारिक आदेश अभी जारी नहीं हुआ था।
