Canara Bank Special FD: अगर आप अपनी बचत को बिना ज्यादा जोखिम के निवेश करना चाहते हैं और अच्छा रिटर्न भी पाना चाहते हैं तो फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) एक बेहतर विकल्प हो सकता है। सरकारी क्षेत्र का केनरा बैंक (Canara Bank) भी ग्राहकों को स्पेशल एफडी में निवेश का मौका दे रहा है। बैंक की ओर से 444 दिन और 555 दिन की अवधि वाली स्पेशल एफडी पर 7.25 प्रतिशत तक ब्याज दिया जा रहा है। खास बात यह है कि इसमें निवेश के लिए आपको बहुत बड़ी रकम की जरूरत नहीं है। आप सिर्फ 1 लाख रुपये जमा कर भी एफडी खुलवा सकते हैं। ऐसे में आइए समझते हैं कि सामान्य नागरिक और सीनियर सिटीजन को इन दोनों एफडी में निवेश करने पर मैच्योरिटी के समय कितनी रकम मिलेगी-
केनरा बैंक की स्पेशल एफडी पर मिल रहा तगड़ा रिटर्न (Photo: iStock)
444 दिन की एफडी पर कितना मिलेगा पैसा?
अगर आप केनरा बैंक की 444 दिन वाली स्पेशल एफडी में 1 लाख रुपये निवेश करते हैं तो सामान्य नागरिकों को 6.65 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलेगा। इस ब्याज दर के हिसाब से मैच्योरिटी पर आपको कुल 1,08,353 रुपये मिलेंगे। यानी आपको 8,353 रुपये का ब्याज प्राप्त होगा।
वहीं, सीनियर सिटीजन के लिए इस एफडी पर ब्याज दर 7.15 प्रतिशत है। ऐसे में अगर कोई वरिष्ठ नागरिक 1 लाख रुपये जमा करता है, तो 444 दिन बाद उसे मैच्योरिटी पर 1,09,003 रुपये मिलेंगे। इसमें 9,003 रुपये ब्याज के रूप में मिलेंगे।
555 दिन की एफडी में 1 लाख रुपये पर कितना रिटर्न?
केनरा बैंक की 555 दिन वाली स्पेशल एफडी में सामान्य नागरिकों को 6.75 प्रतिशत ब्याज दिया जा रहा है। इस दर से 1 लाख रुपये निवेश करने पर मैच्योरिटी के समय कुल 1,10,714 रुपये मिलेंगे। यानी निवेशक को 10,714 रुपये का ब्याज मिलेगा।
वहीं, सीनियर सिटीजन को 555 दिन की एफडी पर 7.25 प्रतिशत ब्याज मिल रहा है। इस हिसाब से 1 लाख रुपये के निवेश पर मैच्योरिटी में 1,11,544 रुपये मिलेंगे। इसमें ब्याज से होने वाली कमाई 11,544 रुपये होगी।
| अवधि (Tenure) | सामान्य ब्याज दर (%) | सीनियर सिटीजन ब्याज दर (%) | सामान्य मेच्योरिटी राशि (रुपये) | सीनियर सिटीजन मेच्योरिटी राशि (रुपये) |
| 444 दिन | 6.65 | 7.15 | 1,08,353 रुपये | 1,09,003 रुपये |
| 555 दिन | 6.75 | 7.25 | 1,10,714 रुपये | 1,11,544 रुपये |
निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
हालांकि, एफडी में निवेश करने से पहले उसकी अवधि, ब्याज दर और समय से पहले पैसा निकालने के नियम जरूर समझ लें। एफडी से मिलने वाला ब्याज टैक्स के दायरे में आता है। आपकी कुल आय और लागू टैक्स स्लैब के अनुसार इस पर टैक्स लग सकता है। इसलिए निवेश का फैसला अपनी जरूरत और वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखकर करें।
