आज के समय में ज्यादातर लोग खरीदारी से लेकर बिल भरने तक के लिए डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन कई बार इंटरनेट कनेक्शन कमजोर होने या नेटवर्क नहीं मिलने के कारण भुगतान नहीं हो पाता। खासकर गांवों और दूरदराज के इलाकों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। इसी परेशानी को दूर करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) डिजिटल रुपये यानी ई-रुपये के जरिए बिना इंटरनेट भुगतान की सुविधा को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रहा है। इस पहल का मकसद डिजिटल भुगतान को ज्यादा आसान और सुविधाजनक बनाना है।
क्या है RBI की नई पहल?
भारतीय रिजर्व बैंक डिजिटल रुपये को लेकर ऐसी तकनीक पर काम कर रहा है, जिससे इंटरनेट कनेक्शन नहीं होने पर भी भुगतान किया जा सके। इसके लिए ब्लूटूथ और NFC यानी नियर फील्ड कम्युनिकेशन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करने की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं। RBI ने अपने HaRBInger कार्यक्रम के जरिए ऐसी नई तकनीकों को प्रोत्साहित किया है, जो डिजिटल रुपये से ऑफलाइन भुगतान को संभव बना सकती हैं। हालांकि, यह सुविधा अभी पूरी तरह से आम लोगों के लिए लागू नहीं हुई है।
कैसे काम करेगा बिना इंटरनेट वाला डिजिटल पेमेंट?
आसान भाषा में समझें तो इस व्यवस्था में भुगतान करने वाले और पैसे लेने वाले व्यक्ति के मोबाइल या उपकरण के बीच सीधे संपर्क के जरिए लेनदेन हो सकता है। इसके लिए ब्लूटूथ या NFC तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है। NFC तकनीक बहुत कम दूरी पर दो उपकरणों के बीच जानकारी का आदान-प्रदान करती है। इस तरह इंटरनेट कनेक्शन के बिना भी भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने की संभावना है। हालांकि, इसकी वास्तविक प्रक्रिया और नियम तकनीक के अंतिम रूप और RBI की व्यवस्था पर निर्भर करेंगे।
क्या है डिजिटल रुपया?
डिजिटल रुपया यानी ई-रुपया भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जारी डिजिटल मुद्रा है। इसे मोबाइल में डिजिटल वॉलेट के जरिए रखा और इस्तेमाल किया जा सकता है। यह सामान्य रुपये का ही डिजिटल रूप है। डिजिटल रुपये का इस्तेमाल एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति और दुकानदार को भुगतान करने के लिए किया जा सकता है। RBI ने दिसंबर 2022 में खुदरा डिजिटल रुपये का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया था।
किन लोगों को होगा फायदा?
बिना इंटरनेट डिजिटल पेमेंट की सुविधा शुरू होने पर उन लोगों को फायदा मिल सकता है, जहां इंटरनेट कनेक्शन कमजोर रहता है। गांवों, दूरदराज के इलाकों और यात्रा के दौरान नेटवर्क की समस्या से जूझने वाले लोगों के लिए यह सुविधा उपयोगी हो सकती है। दुकानदारों को भी भुगतान स्वीकार करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, सुविधा की उपलब्धता और इस्तेमाल की शर्तें अंतिम व्यवस्था पर निर्भर करेंगी।
क्या अभी से कर सकते हैं बिना इंटरनेट पेमेंट?
RBI पहले से ही कुछ सीमित राशि के ऑफलाइन डिजिटल भुगतान की व्यवस्था की अनुमति देता है। इसके तहत कार्ड, वॉलेट और मोबाइल जैसे माध्यमों से कुछ शर्तों के साथ भुगतान किया जा सकता है। वहीं, डिजिटल रुपये के जरिए ब्लूटूथ और NFC से भुगतान की नई तकनीक पर अभी काम किया जा रहा है। इसलिए इसे पूरी तरह लागू सुविधा समझना सही नहीं होगा।
