आम लोगों के लिए एनुअल टोल पास (FASTag Annual Toll Pass) शुरू करने के बाद अब सरकार बस चालकों को राहत देने जा रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को कहा कि सड़क परिवहन मंत्रालय राष्ट्रीय राजमार्गों का उपयोग करने वाले सरकारी और प्राइवेट बस ऑपरेटरों को बचत कराने के लिए एक टोल नीति पर काम कर रहा है। हालांकि, उन्होंने इस बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी लेकिन जानकारों का कहना है कि आम लोगों को जिस तरह से एनुअल पास के जरिये राहत दी गई है, उससे मिलता जुलता कोई ऐलान आने वाले दिनों में हो सकता है।
Fastag (Istock)
गडकरी ने क्या कहा?
गडकरी ने बीओसीआई के भारत प्रवास पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि हम राष्ट्रीय राजमार्गों का उपयोग करने वाले राज्य और निजी बस संचालकों को लाभ प्रदान करने के लिए एक टोल नीति पर काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से हरित हाइड्रोजन चालित ट्रकों के संचालन के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में 10 राजमार्ग खंडों की पहचान की है। सरकार ने राजमार्ग पर परेशानी मुक्त यात्रा की दिशा में एक कदम उठाते हुए गैर-वाणिज्यिक वाहनों के लिए फास्टैग आधारित वार्षिक पास की शुरुआत कर दी है, जिसकी कीमत 3,000 रुपये है। यह पास 15 अगस्त से प्रभावी है। यह पास सक्रिय होने की तारीख से एक वर्ष या 200 यात्राओं (जो पहले हो) तक वैध होगा। यह पास विशेष रूप से गैर-वाणिज्यिक निजी वाहनों जैसे कार, जीप और वैन के लिए बनाया गया है।
हाइड्रोजन फिलिंग पर सरकार का जोर
गडकरी ने कहा कि इन खंडों पर इंडिया ऑयल और रिलायंस पेट्रोलियम द्वारा हाइड्रोजन फिलिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि टाटा मोटर्स, अशोक लेलैंड और वोल्वो ने पहले ही हाइड्रोजन से चलने वाले ट्रक बनाना शुरू कर दिया है। चिन्हित राजमार्ग खंडों में ग्रेटर नोएडा-दिल्ली-आगरा, भुवनेश्वर-पुरी-कोणार्क, अहमदाबाद-वडोदरा-सूरत, साहिबाबाद-फरीदाबाद-दिल्ली, जमशेदपुर-कलिंगनगर, तिरुवनंतपुरम-कोच्चि और जामनगर-अहमदाबाद आदि शामिल हैं। गडकरी ने यह भी कहा कि एनएचएआई राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे निजी भूमि पर 750 सुविधाएं बना रहा है।
