SBI Q4 Results : देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई (SBI) ने अपने तिमाही नतीजों का ऐलान कर दिया है। बैंक के कंसोलिडेटेड आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2022-23 की चौथी तिमाही ( 2023 की जनवरी-मार्च तिमाही) में 18,093.84 करोड़ रु का मुनाफा कमाया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में बैंक को 9,549.13 करोड़ रु का मुनाफा हुआ था। बैंक के मुनाफे में 89.48 फीसदी की जोरदार बढ़ोतरी देखने को मिली है। बैंक की टोटल कंसोलिडेटेड इनकम (Total Segment Revenue) 1,09,286.25 करोड़ रु से 26.96 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 1,38,758.78 करोड़ रु रही।
एसबीआई ने किए तिमाही नतीजे घोषित
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कैसे रहे स्टैंडअलोन नतीजे
स्टैंडअलोन नतीजों में एसबीआई का शुद्ध लाभ 83 फीसदी की वृद्धि के साथ 16,695 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल समान तिमाही में 9,113 करोड़ रुपए रहा था। चौथी तिमाही के लिए बैंक की शुद्ध ब्याज आय (Net Interest Income) 29 फीसदी बढ़ कर 40,393 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह 31,198 करोड़ रुपये थी।
शेयरधारकों के लिए डिविडेंड का ऐलान
बैंक के बोर्ड ने मार्च 2023 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए 11.30 रुपये प्रति इक्विटी शेयर (1130 फीसदी) के डिविडेंड (Dividend) का भी ऐलान किया है। डिविडेंड की पेमेंट की तारीख 14 जून तय की गई है।
मार्च तिमाही में एसबीआई के प्रोविजन (टैक्स के अलावा) और कंटिंजेंसीज (आक्समिक खर्च) 54 फीसदी गिर कर 3,316 करोड़ रुपये रह गए, जबकि एक साल पहले यह 7,237 करोड़ रुपये थे।
कैसा रहे एनपीए परफॉर्मेंस
जनवरी-मार्च की तिमाही के दौरान एसबीआई के नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) के लिए प्रोविजन भी आधे से कम होकर 1,278 करोड़ रुपये के रहे। एसेट्स क्वालिटी के मोर्चे पर, मार्च तिमाही में बैंक का ग्रॉस एनपीए रेशियो (Gross NPA Ratio) 0.67 फीसदी हो गया, जो दिसंबर तिमाही में 0.77 फीसदी और पिछले साल की मार्च तिमाही में 1.02 फीसदी था।
हालांकि, चौथी तिमाही में एसबीआई का नेट एनपीए रेशियो (Net NPA Ratio) बढ़ कर 1.23 फीसदी हो गया, जो तीसरी तिमाही में 1.08 फीसदी और एक साल पहले की समान तिमाही में 0.74 फीसदी था।
