Budget 2024: मौसम बारिश का है, लेकिन लीक का शोर पानी का नहीं नीट की परीक्षा के पेपर का है। हालांकि, इस बारिश के मौसम में एक आर्थिक हवा भी घुल रही है और वो है बजट की। संसद के मॉनसून सत्र में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश का पूर्ण बजट पेश करेंगी। तो इस पानी और पेपर लीक के बीच एक कहानी बजट के लीक होने की भी। जी हां, देश का आम बजट भी एक बार लीक हो चुका है। हालांकि, इस घटना के कई दशक गुजर गए हैं, चूंकि हवाओं में लीक के साथ बजट की खनक भी है, तो कुछ पुराने पन्ने भी पढ़ लेना शायद जरूरी होता है।
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कैसे लीक हुआ था बजट
... तो साल 1950 का था। भारत की आजादी की अभी अंगड़ाई भी नहीं टूटी थी, लेकिन लीक शब्द लोगों की शब्दकोष में शामिल हो चुका था। क्योंकि देश के आम बजट का कुछ हिस्सा लीक हो चुका था। तब देश के वित्त मंत्री थे जॉन मथाई। 1950 के केंद्रीय बजट का एक हिस्सा छपाई के दौरान लीक हुआ था। तब छपाई राष्ट्रपति भवन में होती थी। इस लीक के बाद बजट की प्रिंटिंग की जगह को बदलकर मिंटो रोड पर एक सरकारी प्रेस में कर दिया गया। फिर साल 1980 से नॉर्थ ब्लॉक का बेसमेंट बजट छपाई के लिए स्थायी स्थान बना।
ऐतिहासिक बजट
हालांकि, तत्कालीन वित्त मंत्री मथाई को बजट लीक के बाद इस्तीफा देना पड़ा था, क्योंकि उन पर उच्च शक्तियों और संपन्न लोगों के हितों की सेवा करने का आरोप लगा था। 1950 का बजट ऐतिहासिक था। यह पहला ऐसा बजट था जिसमें सरप्लस था। इसमें प्राप्तियां 347.5 करोड़ रुपये और खर्च 337.88 करोड़ रुपये था।
पहला बजट भी लीक
हालांकि, यह एकमात्र ऐसा मौका नहीं था जब बजट लीक हुआ हो। इससे पहले स्वतंत्र भारत का पहला बजट (1947-1948) केंद्रीय वित्त मंत्री सर आरके शानमुखम चेट्टी ने पेश किया था। बजट पेश करने से पहले, ब्रिटेन के वित्त मंत्री ह्यूग डाल्टन ने एक पत्रकार को बजट में प्रस्तावित टैक्स में बदलावों के बारे में बता दिया था। यह जानकारी संसद में बजट पेश किए जाने से पहले प्रकाशित की गई थी। इसके बाद भारी हंगामा हुआ, जिसके बाद डाल्टन को इस्तीफा देना पड़ा।
भारत का पहला बजट
भारत में बजट पहली बार 7 अप्रैल, 1860 को पेश किया गया था, जब ईस्ट इंडिया कंपनी के स्कॉटिश अर्थशास्त्री जेम्स विल्सन ने इसे ब्रिटिश क्राउन के सामने पेश किया था। स्वतंत्र भारत का पहला बजट 26 नवंबर, 1947 को तत्कालीन वित्त मंत्री द्वारा पेश किया गया था।
सातवां बजट पेश करेंगी निर्मला सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को अपना लगातार सातवां केंद्रीय बजट पेश करने वाली हैं। जुलाई में पेश होने वाला यह बजट एक पूर्ण बजट है। फरवरी में उन्होंने अंतरिम बजट पेश किया था, क्योंकि अप्रैल से लोकसभा चुनाव शुरू होने वाले थे। वित्त मंत्री ने संबंधित पक्षों के साथ बैठकें करके बजट की तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि, ये सभी बेहद गोपनीय मामले हैं और कोई भी जानकारी केवल कुछ चुनिंदा लोगों को ही होती है।
बजट को रखा जाता है गोपनीय
बजट की घोषणा से पहले वित्त मंत्रालय के कार्यालय में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर दी जाती है और बजट पेश होने तक किसी भी मीडियाकर्मी को वहां जाने की अनुमति नहीं होती। बजट बनाने में शामिल लोगों पर दिल्ली पुलिस की मदद से खुफिया ब्यूरो की नजर रहती है। संयुक्त सचिव की अगुआई वाली खुफिया टीम इस प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों की गतिविधियों पर नजर रखती है।
