Interim Budget 2024: एक फरवरी 2024 को पेश होने वाले अंतरिम बजट में सरकार लंबित विनिवेश के मोर्चे पर फोकस कर सकती है। रिपोर्ट्स की मानें, तो फिलहाल विनिवेश से इनकम का लक्ष्य 50,000 करोड़ रुपये से अधिक रखे जाने की संभावना है। यह विनिवेश लेनदेन पर आगे बढ़ने की सरकार की मंशा को दर्शाता है। 2023-24 के लिए केंद्र ने विनिवेश से इनकम के लिए 51,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा था, लेकिन इसमें कमी देखने को मिल सकती है।
सरकार ने अब तक शुद्ध हिस्सेदारी बिक्री प्राप्तियों से 10,051.73 करोड़ रुपये और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के डेविडेंट से 43,843.38 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इससे निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग से कुल प्राप्तियां 53,895.11 करोड़ रुपये हो गई हैं।
प्रस्तावित विनिवेश
प्रस्तावित विनिवेश लेनदेन में शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और कॉनकोर की स्ट्रैटजिक सेल और आईडीबीआई बैंक के निजीकरण के साथ-साथ मुट्ठी भर सार्वजनिक उपक्रमों की लिस्टिंग शामिल है। अधिकारियों के मुताबिक, आम चुनाव के बाद नई सरकार इसे आगे बढ़ाएगी। हालांकि, 1 फरवरी को पेश होने वाले अंतरिम बजट में इनमें से कई लंबित लेनदेन को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की तरफ से संकेत मिल सकते हैं। विनिवेश से कमाई पर अंतिम निर्णय पूर्ण बजट में लिया जाएगा जो इस सा के अंत में पेश होगा।
अधिकारियों का कहना है कि राजस्व में कुछ कमी नॉन टैक्स रेवेन्यू में हाई डेविडेंट इनकम से पूरी की जाएगी। जबकि मजबूत टैक्स कलेक्शन से केंद्र को राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पूर्ण रूप से पूरा करने में मदद मिलने की भी उम्मीद है।
सलाहकार की तलाश
हाल के सप्ताहों में DIPAM भारत बॉन्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड की 50,000 करोड़ रुपये की प्रबंधनाधीन संपत्ति के प्रबंधन के लिए एक सलाहकार की तलाश कर रहा है। इसने लेनदेन को आगे बढ़ाने के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए बोलीदाताओं की रुचि की कमी के कारण सेल की एक यूनिट, सेलम स्टील प्लांट, सेलम के स्ट्रैटजिक विनिवेश के लिए रुचि की अभिव्यक्ति को रद्द करने का भी निर्णय लिया है।
