Budget 2024 Expectations of Insurance Sector: वित्त मंत्री से इंश्योरेंस सेक्टर को बड़ी उम्मीदें, 80 C लिमिट से लेकर पेंशन प्रोडक्ट को लेकर चाहते हैं बदलाव

Budget Expectations Of Insurance Sector in 2024: संपूर्ण बीमा श्रेणी के टैक्स पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है। धारा 80 सी के तहत 1,50,000 रुपये की अधिकतम डिडक्टिबल लिमिट पीपीएफ, लोन इत्यादि जैसे अन्य स्वीकार्य खर्चों के कारण समाप्त हो जाती है। इस अंतर को भरने के लिए केवल टर्म इंश्योरेंस के लिए एक समर्पित छूट श्रेणी घोषित करने की जरूरत है।

2024 Budget Expectations Of Insurance Sector: एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 2024 का वार्षिक बजट पेश करेंगी। इंश्योरेंस इंडस्ट्री बजट 2024 से भारत में इंश्योरेंस की पहुंच को बढ़ाने के लिए टैक्स बेनिफिट की लिमिट के बढ़ने की उम्मीद कर रही है। इंश्योरेंस पॉलिसी पर मिलने वाला टैक्स डिस्काउंट इंश्योरेंस को अपनाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने का काम करता रहा है, साथ ही इससे 2047 तक पूरे भारत के लोगों द्वारा इंश्योरेंस अपनाने के IRDAI के लक्ष्य़ को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।

BUDGET 2024

बजट से उम्मीदें

बजट 2024 से इंश्योरेंस इंडस्ट्री की उम्मीदें(Expectations Of Insurance Sector from Budget 2024)

1.उचित संतुलन खोजने के लिए संपूर्ण बीमा श्रेणी के टैक्स पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है। धारा 80 सी के तहत 1,50,000 रुपये की अधिकतम डिडक्टिबल लिमिट पीपीएफ, लोन इत्यादि जैसे अन्य स्वीकार्य खर्चों के कारण समाप्त हो जाती है। इस अंतर को भरने के लिए केवल टर्म इंश्योरेंस के लिए एक समर्पित छूट श्रेणी घोषित करने की जरूरत है। इससे करदाताओं को अधिक कवरेज वाला टर्म प्लान चुनने के लिए भी प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही 18% की जीएसटी दर पर भी पुनर्विचार करने की जरूरत है। अब टैक्स सिस्टम पर फिर से विचार करने का समय आ गया है ताकि मूल्य निर्धारण का लाभ अंतिम उपभोक्ता तक पहुंचे और अधिक लोगों को लाइफ इंश्योरेंस में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

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