Budget Expectations: इनकम टैक्स और जीएसटी से चालू वित्त वर्ष में टैक्स कलेक्शन में जबरदस्त उछाल होने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन करीब एक लाख करोड़ रुपये अधिक रह सकता है। इस कलेक्शन से सरकार गरीब वर्गों, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी योजनाओं पर खर्च कर सकती है। मनरेगा, ग्रामीण सड़क, पीएम किसान सम्मान निधि और पीएम विश्वकर्मा योजना जैसी सामाजिक योजनाओं के लिए अधिक से अधिक पैसा आवंटित करने की उम्मीद है।
पीएम किसान समेत सामाजिक योजनाओं का बढ़ेगा बजट
डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन
सरकार ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए डारेक्ट टैक्स से 18.23 लाख करोड़ रुपए जुटाने का बजट लक्ष्य रखा था। 10 जनवरी 2024 तक 14.70 लाख करोड़ रुपए तक टैक्स कलेक्शन हो चुका है। जो अनुमान का 81 प्रतिशत है। इससे उम्मीद है कि सरकार अधिक से अधिक पैसा गरीबों पर खर्च कर सकती है।
जीएसटी कलेक्शन
सेंट्रल जीएसटी से 8.1 लाख करोड़ रुपये के अनुमान से करीब 10,000 करोड़ रुपए अधिक होने की उम्मीद है। लेकिन उत्पाद शुल्क और सीमा शुल्क संग्रह में कमी की आशंका है। करीब 49,000 करोड़ रुपए कम कलेक्शन हो सकता है। केंद्र का कुल टैक्स राजस्व 33.6 लाख करोड़ रुपए के अनुमान से 60,000 करोड़ रुपए अधिक होने की उम्मीद है।
इन योजनाओं को मिल सकता है ज्यादा पैसा
इनकम टैक्स और जीएसटी से टैक्स कलेक्शन बढ़ने के अनुमान से यह साफ है कि सरकार चुनावी वर्ष में मनरेगा, ग्रामीण सड़क, पीएम किसान सम्मान निधि और पीएम विश्वकर्मा योजना जैसी सामाजिक योजनाओं अधिक से अधिक खर्च कर सकती है। उधर चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 5.9% रहने का अनुमान है।
