Budget 2025: 27 फरवरी 1999 को तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में तब वित्त मंत्री यशवंत सिंहा ने सुबह 11 बजे भारत का बजट पेश किया था। लेकिन उससे पहले तक केंद्रीय बजट हमेशा शाम 5 बजे पेश किया जाता था। बजट के समय को शाम 5 बजे से बदलकर सुबह 11 बजे करने के दो बड़े कारण बताए जाते हैं। इनमें एक है औपनिवेशिक युग यानी अंग्रेजों के समय की याद दिलाना। दरअसल अंग्रेजों के शासन के दौरान शाम को बजट पेश किया जाता था, क्योंकि भारत में 5 बज रहे होते थे, तो लंदन में उस समय 11:30 बज रहे होते थे।
पहले शाम को आता था बजट
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दूसरा ये था बड़ा कारण
यशवंत सिन्हा के नेतृत्व में, बजट पेश करने का समय सुबह 11 बजे कर दिया गया। यह कदम बजट पेश करने को अधिक सुलभ और पारदर्शी बनाने के प्रयास का हिस्सा था, जिससे मीडिया कवरेज और सार्वजनिक जुड़ाव को अधिक से अधिक बढ़ावा मिल सके। तब से लेकर अब तक सभी केंद्रीय बजट सुबह 11 बजे पेश किए जाते रहे हैं। परंपरा को जारी रखते हुए सीतारमण भी 1 फरवरी को सुबह 11 बजे बजट पेश करेंगी।
पहले पेश किए जाते थे दो बजट
पहले संसद में दो बजट पेश किए जाते थे। इनमें आम बजट के अलावा 'रेल बजट' हुआ करता था। मगर मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान ही इनका विलय कर दिया गया। सरकार ने 21 सितंबर 2016 को आम बजट के साथ रेल बजट के विलय को मंजूरी दे दी।
उसके बाद जब 1 फरवरी, 2017 को बजट पेश किया गया तो वो देश का पहला संयुक्त बजट था, जिसमें आम बजट के साथ रेल बजट भी शामिल था। जहां तक रेलवे के लिए अलग बजट की बात है तो ये प्रेक्टिस 1924 में शुरू हुई थी।
