Budget 2026: विदेशी प्रॉपर्टी और काला धन दिखाने पर अब नहीं होगी जेल! बजट में वित्त मंत्री ने ऐसे दी राहत

बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उन भारतीयों को बड़ी राहत दी है जिनके पास विदेशी निवेश या संपत्तियां हैं। अब अनजाने में विदेशी बैंक खातों या शेयर्स की जानकारी छिपाने पर सीधे जेल जाने का डर खत्म हो गया है। सरकार ने ब्लैक मनी एक्ट के सख्त नियमों को उदार बनाते हुए अनुपालन (Compliance) को आसान बनाने का प्रस्ताव दिया है। आइए जानते हैं क्या है ये?

बजट 2026 में मध्यम वर्ग को भले ही इनकम टैक्स स्लैब में सीधी राहत न मिली हो, लेकिन टैक्स नियमों के पालन (Compliance) को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक बहुत ही बड़ी और सकारात्मक घोषणा की है। सरकार ने 'ब्लैक मनी एक्ट' (Black Money Act) और विदेशी संपत्ति के खुलासे से जुड़े नियमों में ढील देने का फैसला किया है। अब अगर किसी व्यक्ति के पास विदेश में कोई संपत्ति है और वह अनजाने में उसका खुलासा करना भूल गया है, तो उसे सीधे जेल नहीं भेजा जाएगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य उन छोटे निवेशकों और कर्मचारियों को राहत देना है, जो अनजाने में तकनीकी गलतियों के कारण भारी दंड और कानूनी पचड़ों में फंस जाते थे।

Budget 2026 Expenditure Spending

जेल की सजा और जुर्माने के नियमों में बदलाव

पुराने नियमों के मुताबिक, यदि किसी भारतीय नागरिक के पास विदेश में कोई अघोषित संपत्ति (जैसे घर, बैंक अकाउंट या शेयर) पाई जाती थी, तो उस पर भारी जुर्माने के साथ-साथ जेल की सजा का भी प्रावधान था। यह सजा काफी सख्त थी और इसमें गलती की गुंजाइश बहुत कम थी। लेकिन बजट 2026 में सरकार ने एक सीमा तय की है। अब ₹20 लाख तक की विदेशी संपत्ति की जानकारी न देने पर जेल की सजा की शर्त को हटाने या उसे बेहद उदार बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। इसका मतलब है कि छोटे-मोटे निवेश या विदेशी कंपनियों में मिलने वाले शेयर्स (ESOPs) की जानकारी छूट जाने पर अब आपको अपराधी की तरह नहीं देखा जाएगा।

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