Budget 2026: सरकार का कहना है कि अच्छा शासन वही है जो आम लोगों की ज़िंदगी को आसान बनाए। इसी सोच के तहत टैक्स बोझ को कम करने और रोज़मर्रा की परेशानियों को घटाने के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं। इन फैसलों का सीधा असर आम आदमी की जेब, इलाज, यात्रा और पढ़ाई जैसे जरूरी खर्चों पर पड़ने वाला है। सरकार का मकसद यह है कि लोगों को टैक्स और नियमों के चक्कर में उलझने के बजाय बेहतर सुविधाएं और राहत मिले।
सरकार का फोकस
सरकार ने साफ किया है कि आम आदमी पर पड़ने वाले वित्तीय और अनुपालन (कंप्लायंस) बोझ को कम करना उसकी प्राथमिकता है। इसके लिए अप्रत्यक्ष करों को सरल बनाया जा रहा है, कस्टम्स की प्रक्रियाओं को आसान किया जा रहा है और पहले से ज्यादा नकद भुगतान की जरूरत को घटाया जा रहा है। इससे न सिर्फ लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी आसान होगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच, विदेश यात्रा और अन्य सुविधाओं में भी सुधार होगा।
इस दिशा में सबसे बड़ा कदम कस्टम ड्यूटी में राहत के रूप में देखा जा रहा है। सरकार ने माइक्रोवेव ओवन जैसे उत्पादों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कुछ जरूरी और महंगे कंपोनेंट्स पर कस्टम ड्यूटी से छूट देने का फैसला किया है। इससे इन उत्पादों की लागत घटेगी और इसका फायदा सीधे तौर पर ग्राहकों को कम कीमतों के रूप में मिल सकता है।
विदेश यात्रा होगी सस्ती
इसके अलावा, विदेश यात्रा करने वालों के लिए भी राहत की खबर है। ओवरसीज टूर पैकेज की बिक्री पर लगने वाली TCS (टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स) की दर को पहले 5% और 20% से घटाकर सिर्फ 2% कर दिया गया है, वह भी बिना किसी राशि की सीमा के। इससे विदेश घूमने या काम से बाहर जाने वालों पर टैक्स का बोझ काफी हद तक कम होगा।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 जरूरी दवाओं को कस्टम ड्यूटी से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है। इतना ही नहीं, व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए कुछ खास दवाओं और मेडिकल फूड्स पर भी ड्यूटी में छूट दी गई है, जिससे दुर्लभ बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे इलाज सस्ता होगा और मरीजों की जेब पर दबाव कम पड़ेगा।
पढ़ाई-इलाज में भी राहत
पढ़ाई और इलाज के लिए विदेश पैसा भेजने वालों के लिए भी राहत दी गई है। लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम के तहत शिक्षा और मेडिकल जरूरतों के लिए भेजी जाने वाली राशि पर TCS की दर को 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है। इससे छात्रों और उनके परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा।
हवाई यात्रियों के लिए भी सरकार ने सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया है। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ड्यूटी-फ्री अलाउंस में बदलाव किया गया है, ताकि यात्रा के दौरान लोगों को कम झंझट का सामना करना पड़े। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए ऑनलाइन और ऐप आधारित सिस्टम शुरू किया जा रहा है, जिससे वे आसानी से डिक्लेरेशन और ड्यूटी का भुगतान कर सकें।
